अमेठी. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने अमेठी में गायत्री प्रसाद प्रजापति (Gayatri Prasad Prajapati) के परिवार पर एक बार फिर बड़ा दांव खेला है. दरअसल अमेठी विधानसभा सीट से सपा की महाराजी देवी ने चुनाव जीतकर यह साबित कर दिया है कि जनता उनके साथ है. इसके बाद अखिलेश यादव ने जेल में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री के बड़े बेटे अनिल प्रजापति की पत्नी शिल्पा प्रजापति (Shilpa Prajapati) को सुल्तानपुर स्थानीय प्राधिकारी सीट से समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार बनाया है. बता दें कि गायत्री प्रसाद प्रजापति जेल में सजा काट रहे हैं और अमेठी की जनता ने उनकी पत्नी महाराजी देवी को विधायक बना दिया है. वहीं, सुल्तानपुर स्थानीय प्राधिकारी सीट से समाजवादी पार्टी ने शिल्पा प्रजापति को उम्मीदवार बनाया है. दिलचस्प बात यह है कि सास के विधायक बनने के बाद अब बहू भी चुनाव जीतकर एमएलसी बनना चाहती है. विधानसभा चुनाव 2022 में सास के लिए किया कैंपेन
पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद और अमेठी की मौजूदा विधायक महाराजी देवी के बड़े बेटे अनिल प्रजापति की पत्नी शिल्पा एक घरेलू महिला होने के साथ-साथ राजनीति में भी दखल रखती हैं. हाल ही में संपन्न हुए 2022 के विधानसभा चुनाव में सास महाराजी देवी के लिए शिल्पा ने काफी मेहनत की और महिलाओं के साथ समाजवादी पार्टी कार्यालय पर मीटिंग कर उन्हें चुनाव जीतने का गुरु मंत्र भी देती हुई नजर आईं थीं. इतना ही नहीं,वह अपनी सास-ननद के साथ-साथ पूरा चुनावी कैंपेन भी संभाल रही थीं. इसका असर भी नजर आया और सपा प्रत्याशी ने भाजपा के डॉ संजय सिंह को हरा दिया.
जानें कौन हैं शिल्पा प्रजापति
शिल्पा प्रजापति ने समाजशास्त्र विषय में पोस्ट ग्रेजुएट किया है. इसके अलावा पति अनिल प्रजापति के साथ पिछले लंबे समय से राजनीति में काफी दखल रखती हैं. शिल्पा और अनिल की फरवरी 2015 में शादी हुई थी. शादी के समय ससुर गायत्री प्रसाद प्रजापति सपा सरकार में कद्दावर मंत्री थे जिससे इनकी शादी काफी धूमधाम से लखनऊ में संपन्न हुई थी. बता दें कि शिल्पा प्रजापति के परिवार के लोग राजनीति में काफी सक्रिय हैं. हालांकि शिल्पा ने इससे पहले किसी तरह का कोई चुनाव नहीं लड़ा है. जबकि उनका मायका प्रतापगढ़ के पट्टी में है. वैसे अनिल प्रजापति एक समाजसेवी हैं. जबकि अनिल और शिल्पा के दो बेटे हैं.
