
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करके उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव लड़ने वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर (OP Rajbhar) अब अखिलेश यादव को झटका दे सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, ओपी राजभर अब सपा गठबंधन से नाता तोड़कर बीजेपी नीत गठबंधन में शामिल हो सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि राजभर ने शुक्रवार शाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, यूपी चुनाव के लिए बीजेपी प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और बीजेपी के प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल से मुलाकात भी थी.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओमप्रकाश राजभर की इन तीनों नेताओं के साथ करीब एक घंटे तक मुलाकात चली. इस मुलाकात के बाद चर्चा है कि राजभर को सुभासपा के कोटे से योगी मंत्रिमंडल में मंत्री भी बनाया जा सकता है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर न तो बीजेपी और न ही राजभर की तरफ से इस बाबत में कोई बयान आया है.
वहीं ओपी राजभर के बेटे अरविंद ने इन खबरों को निराधार बताया है. अरविंद राजभर ने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का बीजेपी के साथ जाने की खबर निराधार है. सुभासपा, समाजवादी पार्टी के साथ थी है और रहेगी.’गौरतलब है कि ओम प्रकाश राजभर ने वर्ष 2017 का विधानसभा चुनाव बीजेपी के साथ मिलकर लड़ा था. बीजेपी सरकार बनने पर उन्हें योगी मंत्रिमंडल में भी जगह दी गई थी. हालांकि बीजेपी के साथ मतभेद के चलते उन्होंने एनडीए से नाता तोड़ते हुए वर्ष 2022 का यूपी चुनाव सपा गठबंधन के साथ मिलकर लड़ा.इस चुनाव में सपा के साथ मिलकर लड़ते हुए राजभर की सुभासपा को 6 सीटों पर जीत मिली थी. यूपी चुनाव में उसका प्रदर्शन कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी से भी अच्छा रहा था. इन दोनों राष्ट्रीय पार्टियों ने क्रमश: दो और एक सीटें जीती थी. सुभासपा के इस प्रदर्शन के पीछे सपा गठबंधन का हाथ माना जा रहा है. ऐसे में अगर में सपा से नाता तोड़ कर बीजेपी गठबंधन में शामिल होते हैं यह अखिलेश के लिए एक झटका होगा.
