
नई दिल्ली. जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा आज से दो दिनों के दौरे पर भारत आ रहे हैं. वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के साथ 14वें भारत-जापान शिखर बैठक में हिस्सा लेंग .विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ये जानकारी दी. इस शिखर बैठक में दोनों पक्षों को द्विपक्षीय संबंधों के अलग-अलग आयमों की समीक्षा करने और इसे और आगे बढ़ाने के रास्तों पर विचार करने का मौका मिलेगा. बैठक के दौरान दोनों नेता साझा हितों से जुड़े क्षेत्रीयऔर अंतरराष्ट्रीय विषयों पर विचारों का आदान प्रदान करेंगे.
माना जा रहा है कि दोनों नेता रूस और यूक्रेन के ताज़ा हालात पर भी चर्चा कर सकते हैं. इसके अलावा चीन पर भी बातचीत हो सकती है. बता दें कि जापान ने रूस को अलग-थलग करने के लिए व्यापक वित्तीय प्रतिबंधों की घोषणा की है. लेकिन भारत ने युद्ध में किसी भी देश का पक्ष नहीं लिया है और संयुक्त राष्ट्र में रूस के खिलाफ मतदान में भाग नहीं लिया.
हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर चर्चा
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हालात को लेकर भारत और जापान के रिश्ते
को काफी अहम माना जा रहा है. बता दें कि अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ
दोनों राष्ट्र, इंडो-पैसिफिक गठबंधन के सदस्य हैं, जिसे “क्वाड” के रूप में
जाना जाता है. इसे चीन की बढ़ती आर्थिक पर लगाम लगाने के तौर पर देखा जा
रहा है.
व्यापार पर रहेगा ज़ोर
पिछले साल सितंबर में, क्वाड नेताओं ने ऐलान किया था कि जापान कोविड -19
टीकों और दवाओं में 100 मिलियन डॉलर के निवेश पर भारत के साथ काम करेगा.
2019-20 के लिए भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 11.87 अरब डॉलर को
पार कर गया. जापान से भारत का निर्यात 3.94 अरब डॉलर था जबकि जापान से
भारत का आयात 7.93 अरब डॉलर था.भारत का मुख्य निर्यात पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन, मछली, कपड़े, लोहा और
इस्पात उत्पाद, कपड़े और मशीनरी रहे हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार जापान
से भारत के आयात में इलेक्ट्रिकल मशीनरी, लोहा और इस्पात उत्पाद, प्लास्टिक
सामग्री, मोटर वाहनों के पुर्जे, कार्बनिक रसायन और धातु शामिल हैं. भारत
में जापानी निवेश 2000 और 2019 के बीच 32 बिलियन डॉलर को छू गया, ये मुख्य
रूप से ऑटोमोबाइल, विद्युत उपकरण, दूरसंचार, रसायन, बीमा और दवा क्षेत्रों
में है.
