प्रयागराज (आर सिंह) : नवाबगंज के दीपक मिश्र की पुलिस हिरासत में मौत के आरोप की जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम आई और नवाबगंज पुलिस से इस संबंध में कागजात लिए। टीम तीन दिन तक कैंप करेगी। टीम तत्कालीन थानेदार और विवेचक से पूछताछ करेगी। इस घटना से पीड़ित परिवार को इंसाफ की आस जगी है।
बता दें कि आनापुर, नवाबगंज के 32 साल के दीपक मिश्र की 30 अक्तूबर 2019 को संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि रात में पुलिस ने उसे शराब तस्करी के आरोप में पकड़ा और मारा-पीटा। पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव आनापुर स्थित एक खेत में ठिकाने लगा दिया। अगले दिन दीपक का शव मिलने पर वहां जमकर बवाल हुआ था। ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक भी जाम करने की कोशिश की थी। पथराव और बवाल होने पर पुलिस ने ग्रामीणों पर केस दर्ज किया था। बाद में दीपक की मौत पर अज्ञात में केस दर्ज हुआ जबकि उसके परिजन पुलिस पर ही मुकदमा दर्ज कराना चाहते थे। इस मामले में उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से मदद की गुहार लगाई थी। मानवाधिकार आयोग ने यह मामला संज्ञान में लिया। मंगलवार को मानवाधिकार आयोग के डिप्टी एसपी लाल बहादुर और इंस्पेक्टर चंद्रशेखर जांच करने के लिए प्रयागराज पहुंचे। उन्होंने सीओ सोरांव और नवाबगंज पुलिस से मृतक का पोस्टमार्टम रिपोर्ट मुकदमा की जांच रिपोर्ट समेत अन्य कागजात हासिल किए। इस केस में तत्कालीन सीओ, थानेदार और विवेचक को बयान के लिए बुलाया था। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का भी बयान दर्ज होगा।
