प्रयागराज: (आर सिंह): संगम नगरी में प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की ओर से सुलेम सराय में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का विरोध शुरू हो गया है. जीटी रोड चौड़ीकरण को लेकर प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने दो सप्ताह पहले लगभग तीन दर्जन मकानों को बुलडोजर लगाकर जमींदोज कर दिया. इस मामले को लेकर कुछ पीड़ित परिवारों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है. जिस पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है. भारी विरोध के चलते ध्वस्तीकरण किए बगैर ही लौटी पीडीए की टीम दरअसल, पीड़ितों का कहना है कि बगैर किसी नोटिस के मनमाने ढंग से कार्रवाई कर उन्हें बेघर कर दिया गया है. जबकि कई सालों से वे इस जगह पर रहते आ रहे थे. हालांकि, पीडीए के अधिकारियों ने स्थगन आदेश न होने का हवाला देकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर डाली. लेकिन मंगलवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने पहुंची पीडीए की टीम को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. जिसके बाद पीडीए के जोनल अधिकारी को तीन मकानों का ध्वस्तीकरण किए बगैर ही लौटना पड़ा. लोगों ने की ये मांग
याची अधिवक्ता विजय चन्द्र श्रीवास्तव का कहना है कि पीडीए की कार्रवाई के खिलाफ पहले से दाखिल याचिका में मेंशन करेंगे. वहीं, स्वीकृत मानचित्र न होने के आधार पर की जा रही कार्रवाई के खिलाफ भी जनहित याचिका दायर कर हाईकोर्ट से गुहार लगाएंगे. गौरतलब है कि पीडीए की इस कार्रवाई की जद में तीन दर्जन से ज्यादा परिवार आये हैं. पीडीए की कार्रवाई से बेघर हुए ज्यादातर लोग अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण लिए हुए हैं. लोगों का कहना है कि उन्हें मौका मिलना चाहिए, जिससे वे जरूरी नक्शे को स्वीकार करा सकें. इसी मांग को लेकर हाईकोर्ट मे याचिका दायर की है.
