कानपुर. काले धन के कुबेर इत्र कारोबारी पीयूष जैन के पास करोड़ों रुपये की नकदी का पता कैसे चला, इसको लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (Directorate General of GST Intelligence-DGGI) की ओर से कोर्ट में 334 पन्ने की चार्जशीट दाखिल की गई है. आरोपपत्र में इस बात का खुलासा किया गया है कि जांच एजेंसी को पीयूष जैन के पास करोड़ों रुपये की नकदी का पता कैसे चला. चार्जशीट में बताया गया है कि पीयूष जैन के घर के फर्श के लगे पत्थरों की डिजाइन में कई तरह के कोड थे. इसको देखकर पहले तो डीजीजीआई की टीम भी अचंभित रह गई, लेकिन बाद में कोड को डिकोड कर पीयूष जैन के घर में छिपे नकदी का पता लगाया गया था. चार्जशीट में तकरीबन 197 करोड़ रुपये नकद बरामद होने की बात कही गई है. बता दें कि कुछ दिन पहले पीयूष जैन का तार सिलीगुड़ी के एक सुपारी तस्कर से जुड़ा है. आयकर विभाग की टीम ने सुपारी कारोबारी के 25 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी.DGGI अहमदाबाद की ओर से दाखिल चार्जशीट में बताया गया है कि इत्र कारोबारी पीयूष जैन ने कानपुर और कन्नौज स्थित घर में निर्माण के वक्त ही गुप्त कमरे, बेसमेंट, गोपनीय दरवाजों आदि का निर्माण करवाया था. आरोपपत्र में कहा गया है कि कानपुर में 22 दिसंबर 2021 को छापे मारने के तीसरे दिन यानी 24 दिसंबर को एक टीम पीयूष के दोनों बेटों प्रत्यूष जैन और प्रियांश जैन को लेकर कन्नौज स्थित उनके पैतृक आवास गई थी. पहले दिन पूरा घर छान मारा गया, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ. डीजीजीआई के दो अधिकारी प्रत्यूष को लेकर छत तक गए, लेकिन एक शेड के अलावा कुछ नहीं दिखा था.ऐसे खुला भेद आरोपपत्र में बताया गया है कि DGGI के एक अधिकारी की नजर पीयूष जैन की छत से लगी दूसरी छत पर गई. दोनों घरों बीच एक छोटी सी दीवार थी. अधिकारी ने पूछा था कि यह किसका घर है? जवाब में प्रत्यूष ने इसे अपना घर बताया था. साथ ही कहा था कि इसका रेनोवेशन कराया जा रहा है. डीजीजीआई की टीम ने उस घर में चलने के लिए कहा तो प्रत्यूष बोला, इसका गेट पीछे है. इसपर अफसर चौंके और पीछे वाले दरवाजे से ले चलने को कहा था.बेड के पीछे मिला खुफिया दरवाजा डीजीजीआई की टीम जब दूसरे घर में घुसी तो अधिकारी एक बेडरूम में पहुंचे. यह पीयूष जैन का बेडरूम बताया गया. ‘हिन्दुस्तान’ में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, बेड के पीछे दीवार में डिजायनर कुशन यानी फोम लगा था. कुशन को दबाया गया तो वह खिसक गया. इस पर अफसरों को शक हुआ. कुछ और जोर लगाते ही कुशन 4 फुट तक हट गया और सामने खुफिया लोहे का दरवाजा आ गया. यह देखते ही पीयूष के दोनों बेटों के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगीं. अफसरों ने पूछा तो पीयूष के बेटों ने बताया कि उन्हें इसके बारे में कुछ नहीं पता. चाबी नहीं होने पर लोहे के दरवाजे को कटवाया गया था.
पीयूष जैन मामले में अब तक का बड़ा खुलासा, DGGI ने बताया कैसे चला बड़ी मात्रा में नकदी का पता
Tuesday, March 01, 2022
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