प्रयागराज: आपको मालूम है कि बाजार में जो भी खाद्य सामग्रियां कच्ची और रेडीमेड मिल रही हैं वह मिलावटी भी हो सकती हैं ? खोवा, पनीर तथा मैदे से बनी रंग विरंगी कचरी पापड़ में मिलाया जाने वाला रंग भी सेहत के लिए हानिकारक है। इनमें मिलावटखोरी का पता लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर नमूने तो लेने निकल पड़ता है लेकिन यह महज दिखावटी कार्यवाही होकर रह जाता है। विभाग वह जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करता कि दुकानदारों ने भोली भाली जनता को क्या धीमा जहर खिलाया।एक बार फिर खाद्य सुरक्षा विभाग होली से पहले सक्रिय हो गया है लेकिन नमूनों की जांच रिपोर्ट कब आएगी यह किसी को नहीं पता। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने शनिवार और रविवार को शहर, गंगापार व यमुनापार की बाजारों और मंडियों से 24 नमूने लिए। नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की अभिहित अधिकारी ममता चौधरी ने कहा कि नैनी, रसूलाबाद, गोविंदपुर, अल्लापुर, फूलपुर, बाबूगंज, राजरूपपुर, पुराना कटरा, बैरहना, चौक खोवा मंडी, झूंसी, मेजा, मामा भांजा तालाबऔर करेली में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खोवा, पनीर, बेसन, कचरी, मैदा, रिफाइंड सोयाबीन तेल, पापड़, पेड़ा, चिरौंजी, नमकीन आदि के नमूने लिए। बताया कि होली का त्योहार आते ही खाद्य सामग्रियों की बिक्री बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाकर खोवा, पनीर, बेसन, मिष्ठान विक्रेता मिलावटी सामान बेच देते हैं। कहा कि 17 मार्च तक यह अभियान जिले भर में चलाया जाएगा। मौके पर अगर मिलावटखोरी पकड़ी गई तो सख्त कार्रवाई भी होगी।
पहले भी त्योहारों लिए गए हैं नमूने
होली, दीपावली, के अवसर पर पहले भी खाद्य सुरक्षा अधिकारी, विभिन्न खाद्य सामग्रियों के नमूने ले चुके हैं। कहा तो गया था कि इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है लेकिन रिपोर्ट महीनों बाद भी सार्वजनिक नहीं की गई। नमूने भेजे भी गए या नहीं, यह भी बड़ा सवाल है क्योंकि मिलावटखोरी पर एक भी दुकानदार पर कार्रवाई की जानकारी किसी भी बाजार में नहीं होने पाई।
