प्रयागराज। प्रदेश में सरकार बनाने के लिए दो तिहाई का बहुमत होना चाहिए। लेकिन विधायक बनने के लिए ऐसा नहीं है। यहां पर एक चौथाई लोगों का ही मत पाकर विधायक बन रहे हैं। मतलब जिनके पक्ष में एक चौथाई लोग हैं, उनका विधानसभा पहुंचना तय। चुनाव परिणाम आने के बाद जो आकड़े आए हैं, उससे यह स्पष्ट हुआ है प्रयागराज की 12 सीटों पर विजयी हुए प्रत्याशी कुल आबादी के 21 से 26 प्रतिशत मत पाकर विधायक बन गए हैं। जबकि निकटमत प्रतिद्वंदी को नौ से 23 फीसद तक वोट मिला है। ऐसे हालात इसलिए हुए हैं कि लोकतंत्र के महापर्व में लोगों की सहभागिता कम होती है। आजादी के 75 साल बाद भी संगम नगरी की सभी सीटों पर 60 प्रतिशत (कुछ सीटों को छोड़कर) से भी कम मतदान हुआ है। लोकतंत्र के महापर्व में करीब आधे लोग नहीं कर रहे हिस्सेदारी
लोकतंत्र के महापर्व में सभी की भागीदारी होनी चाहिए। इसके लिए तमाम जागरूकता अभियान चलाए गए। लेकिन उसका असर कुछ नहीं हुआ और कुल 53.83 प्रतिशत मतदान हुआ। जिले भर में कुल 46.27 लाख वोटरों में से 13.25 लाख पुरुष और 11.65 लाख महिलाओं ने ही मतदान किया। बाकी 21.36 लाख लोगों ने मतदान हीं नहीं किया। मतदान कम होने के कारण पूरी आबादी के 21.08 प्रतिशत मत पाकर ही हंडिया में सपा से हाकिम लाल बिंद विधायक बन गए। ऐसे ही इलाहाबाद उत्तरी से 21.92 प्रतिशत मत पाकर भाजपा के हर्षवर्धन वाजपेयी विधायक बन गए हैं। दूसरी सीटों पर भी यही हाल रहा। जिले में सबसे अधिक मतदान वाले विधानसभा क्षेत्र बारा के विजयी प्रत्याशी वाचस्पति को 26.68 प्रत्याशी लोगों ने ही वोट दिया है। ऐसे ही प्रदेश सरकार में मंत्री रहे नंद गोपाल नंदी 23.98 प्रतिशत और सिद्धार्थनाथ सिंह 24.29 प्रतिशत लोगों का मत पाकर फिर से विधानसभा पहुंच गए हैं। किसी भी प्रत्याशी को 30 प्रतिशत लोगों का भी वोट नहीं है। लेकिन दावेदारी सौ फीसद रहेगी। इसके अलावा जो हारे हैं, उनको नौ से 23 प्रतिशत तक मतदान मिला है।
विस क्षेत्र मतदाता - विधायक को मिले मत (प्रतिशत में)
फाफामऊ 365218 24.96
सोरांव 379190 24.12
फूलपुर 407493 25.94
प्रतापपुर 406232 22.36
हंडिया 400400 21.08
मेजा 325229 24.15
करछना 349373 25.62
इलाहाबाद पश्चिमी 488876 24.29
इलाहाबाद उत्तरी 441912 21.92
इलाहाबाद दक्षिणी 408036 23.98
बारा 334275 26.68
कोरांव 351311 24.07
