
प्रयागराज: योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में इलाहाबाद शहर दक्षिणी से निर्वाचित विधायक नंदगोपाल गुप्ता नंदी को दोबारा स्थान मिला है। आज से 30 बरस पहले मिठाई बेचने वाले नंदी भाजपा सरकार में दोबारा मंत्री बनने में सफल रहे। लखनऊ में शुक्रवार को उन्होंने दोबारा मंत्री पद की शपथ ली तो प्रयागराज में उसकी गूंज सुनाई दी। उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने जमकर आतिशबाजी की और मिठाई बांटकर एक दूसरे को बधाई दी। यहां ढोल नगाड़ों की धुन पर लोग थिरकते नजर आए। बता दें कि नंदी पहले मायावती की सरकार में भी मंत्री रहे और कांग्रेस पार्टी से लोकसभा का चुनाव भी लड़े लेकिन हार गए थे। 2017 से वह भाजपा में आए और दोबारा योगी सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल हुए। जबकि प्रयागराज के दूसरे मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह को इस बार योगी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिला।
नंदी के पिता चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे
नंदी का जीवन शुरू से चुनौतियों भरा रहा। प्रयागराज के बहादुरगंज मुहल्ले में 23 अप्रैल 1974 को जन्मे नन्दी के पिता सुरेश चंद्र डाक विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। मां विमला देवी घर में सिलाई, बुनाई करती थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते नंदी सिर्फ हाईस्कूल तक ही पढ़ सके। वह बचपन में पटाखा, रंग-गुलाल की दुकान लगाते। मोहल्ले में सबसे पहले उनके घर में टेलीविजन आया तो बच्चों को पचास पैसे में उन्होंने महाभारत भी दिखाई। आर्थिक स्थिति सुधरने पर 1992 में मिठाई की दुकान लगाई। इसके बाद ट्रक लिया और फिर घी और दवाओं की एजेंसी ली। 1994 में रिश्तेदार के साथ ईट भट्टे का बिजनेस शुरू किया। आर्थिक रूप से सुदृढ़ होने पर नन्दी ग्रुप ऑफ कंपनीज बना ली।
ऐसे शुरू हुआ सियासी सफर
वर्ष 2007 में बसपा के साथ मिलकर सियासी पारी खेलने उतरे नन्दी ने शहर दक्षिणी से चुनाव जीता। उन्होंने भाजपा के कद्दावर नेता केशरी नाथ त्रिपाठी और कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी को हराया। इनाम के रूप में बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया। 12 जुलाई 2010 को जानलेवा हमले के बाद चार महीने नन्दी हॉस्पिटल में भर्ती रहे। 2012 के चुनाव में नंदी सपा प्रत्याशी हाजी परवेज अहमद से 414 मतों से पराजित हुए। इसके बाद उनकी पत्नी अभिलाषा गुप्ता 2012 में हुए नगर निगम चुनाव में महापौर चुनी गईं।
2014 लोकसभा चुनाव में मंत्री नन्दी कांग्रेस के टिकट से इलाहाबाद के प्रत्याशी रहे और एक लाख से अधिक मत हासिल किया। इसे देखते हुए कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में उन्हें मंडल प्रचार प्रभारी बनाया। 2017 विधानसभा चुनाव में बीजेपी में शामिल हुए और सपा विधायक परवेज अहमद टंकी को हराकर एक बार फिर कैबिनेट मंत्री का पद हासिल किया। 2022 में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से मंत्री नन्दी पर विश्वास जताते हुए टिकट दिया।
