
नई दिल्ली: आर्थिक अपराध शाखा ने गाजियाबाद में
प्रस्तावित आवासीय परियोजना में फ्लैट देने का झांसा देकर निवेशकों से
करोड़ों की ठगी करने वाले मंजू जे होम्ज लिमिटेड कंपनी के निदेशक रामप्रस्थ
कॉलोनी निवासी राजकुमार को सोमवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने
सहयोगियों के साथ मिलकर निवेशकों से 11 करोड़ की ठगी की। आरोपी के खिलाफ कई
थानों में ठगी के 29 मामले दर्ज हैं।
शाखा के पुलिस उपायुक्त एमआई हैदर ने बताया कि वर्ष 2018 में प्रीतिश घोष
और अन्य निवेशकों ने आर्थिक अपराध शाखा में ठगी और फर्जीवाड़े की शिकायत की
थी। शिकायत में बताया कि मंजू जे होम्ज लिमिटेड कंपनी के निदेशकों ने
राजनगर एक्सटेंशन (गाजियाबाद) में रेड एपल होम्ज नाम की अपनी प्रस्तावित
आवासीय परियोजना में फ्लैट बुक करने का ऑफर दिया था।
आरोपियों ने वर्ष 2012 में बुकिंग के दौरान आश्वासन दिया कि फ्लैटों का
कब्जा तीन साल में दे दिया जाएगा। प्रारंभिक भुगतान के बाद निवेशकों के
आवेदन पर प्रस्तावित फ्लैटों के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ऋण
दिया गया। बिल्डर कंपनी ने फ्लैट सौंपे जाने तक किश्त का भुगतान करने का
वादा किया था। शिकायत करने तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ और बिल्डर कंपनी
ने बैंकों को किस्त देना बंद कर दिया, जिससे निवेशकों को 11 करोड़ का
नुकसान हुआ। निवेशकों ने आरोप लगाया कि आवेदनों पर ऋण स्वीकृत किया गया था,
लेकिन उनकी जानकारी के बिना कई दस्तावेज पर उनके जाली हस्ताक्षर कर राशि
का वितरण किया गया।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने 2015 में दी थी परियोजना की अनुमतिः पुलिस को जांच में पता चला कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने परियोजना के लिए अनुमति वर्ष 2015 में दी थी। उसके बाद अग्निशमन विभाग, पर्यावरण विभाग की तरफ से अनुमति दी गई थी लेकिन आरोपियों ने वर्ष 2012 से ही निवेशकों से पैसा एकत्र करना शुरू कर दिया था और वर्ष 2015 में निर्माण कार्य रोक दिया था। जांच से यह भी पता चला कि राजकुमार जैन ने अन्य सह-आरोपी विजयंत जैन, प्रतीक जैन और अक्षय जैन के साथ मिलकर लोगों को ठगने के लिए रेड एपल होम्ज नामक परियोजना शुरू की। आरोपी राजकुमार भी बैंक खाते में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं और कंपनी के निदेशक में से एक था।
पर्याप्त सबूत इकट्ठा करने के बाद पुलिस टीम ने 14 मार्च को आरोपी को रामप्रस्थ कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने मेरठ विश्वविद्यालय से बीकॉम कर रखी है और 2 कंपनियों का संचालन कर रहा था।
क्लेक्शन एजेंट से 6.68 लाख रुपये लूटने वाले चार गिरफ्तार
शाहीन बाग थाना पुलिस ने कलेक्शन एजेंट से दिनदहाड़े 6.68 लाख रुपये लूटने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 2.45 लाख रुपये, लूट की रकम से खरीदी गई कार व वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी ईशा पांडेय ने बताया कि शाहीनबाग में कलेक्शन एजेंट से 6.68 लाख रुपये लूटने की सूचना 11 मार्च को मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो पाल सिंह नाम पीड़ित मौके पर मिले।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने 2015 में दी थी परियोजना की अनुमतिः पुलिस को जांच में पता चला कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने परियोजना के लिए अनुमति वर्ष 2015 में दी थी। उसके बाद अग्निशमन विभाग, पर्यावरण विभाग की तरफ से अनुमति दी गई थी लेकिन आरोपियों ने वर्ष 2012 से ही निवेशकों से पैसा एकत्र करना शुरू कर दिया था और वर्ष 2015 में निर्माण कार्य रोक दिया था। जांच से यह भी पता चला कि राजकुमार जैन ने अन्य सह-आरोपी विजयंत जैन, प्रतीक जैन और अक्षय जैन के साथ मिलकर लोगों को ठगने के लिए रेड एपल होम्ज नामक परियोजना शुरू की। आरोपी राजकुमार भी बैंक खाते में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं और कंपनी के निदेशक में से एक था।
पर्याप्त सबूत इकट्ठा करने के बाद पुलिस टीम ने 14 मार्च को आरोपी को रामप्रस्थ कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने मेरठ विश्वविद्यालय से बीकॉम कर रखी है और 2 कंपनियों का संचालन कर रहा था।
क्लेक्शन एजेंट से 6.68 लाख रुपये लूटने वाले चार गिरफ्तार
शाहीन बाग थाना पुलिस ने कलेक्शन एजेंट से दिनदहाड़े 6.68 लाख रुपये लूटने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 2.45 लाख रुपये, लूट की रकम से खरीदी गई कार व वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी ईशा पांडेय ने बताया कि शाहीनबाग में कलेक्शन एजेंट से 6.68 लाख रुपये लूटने की सूचना 11 मार्च को मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो पाल सिंह नाम पीड़ित मौके पर मिले।
पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल से मोबाइल फोन झपटा, 2 गिरफ्तार
