प्रयागराज: प्रयागराज शहर के अलोपीबाग, जीटी जवाहर चौराहा स्थित होटल श्रीराम भोजनालय के बेसमेंट में हुई घटना से प्रभावित लोगों की हालत में सुधार हुआ है। शुक्रवार को दारागंज पुलिस अस्पताल पहुंची और वहां भर्ती कर्मचारियों से घटना के बारे में जानकारी ली। डाक्टरों ने पुलिस को बताया कि चारों की हालत में पहले से ज्याद सुधार हुआ। इसी कारण वह घटना के बारे में धीरे-धीरे बोलकर कुछ बता सके। उधर, इस मामले में अब तक पीडि़तों की ओर से पुलिस को शिकायत नहीं दी गई। पोस्टमार्टम के बाद विजय कुमार उर्फ मोनू का शव लेकर स्वजन गांव अमेठी चले गए।
भोजनालय में ऐसे हुई थी घटना
जीटी जवाहर चौराहे श्रीराम भोजनालय के बेसमेंट में गुरुवार रात पांच कर्मचारी सो गए थे। वहां तंदूर की भट्ठी जल रही थी। होटल मालिक के बेटे की शादी का कार्यक्रम होने के कारण सभी लोग देर रात तक जगे थे। शुक्रवार दोपहर जब कोई बाहर नहीं निकला तो दूसरे कर्मचारियों ने शटर खटखटाया, लेकिन जवाब नहीं मिलीा। फिर पुलिस बुलाकर शटर तोड़कर गया तो भीतर की हालत देख सभी अवाक रह गए। बेसुध पड़े विजय कुमार उर्फ मोनू शर्मा, मुनिराज, शशिकुमार, प्रदीप यादव और शिवशंकर को आनन-फानन अस्पताल भिजवाया गया, जहां डाक्टरों ने मोनू को मृत घोषित कर दिया था। मौत की वजह दम घुटना बताया गया। इस घटना से खलबली मच गई थी। साथ ही होटल मालिक के बेटे विशाल की शादी की खुशियां भी काफूर हो गई।बोले, इंस्पेक्टर दारागंज
इस संबंध में दारागंज थाने के इंस्पेक्टर दारागंज धर्मेंद्र दुबे का कहना है कि घटना के बाद अस्पताल में भर्ती कर्मचारियों की हालत में सुधार हुआ है। किसी ने शिकायत नहीं की है।
