कानपुर. उत्तर प्रदेश (UP Assembly Election 2022) में तीसरे चरण का मतदान जारी है. इसी कड़ी में कानपुर जिले के बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में बिकरू और आसपास के एक दर्जन अन्य गांवों में रहने वाले करीब 40 हजार मतदाता रविवार को खुलकर मतदान करते नजर आ रहे है. क्योंकि इस बार उनके मन में गैंगस्टर ‘विकास दुबे’ का कोई खौफ नहीं है. बिकरु गांव के लोगों का कहना है कि पहली बार 25 से 30 साल बाद वह अपने मन से अपने उम्मीदवार को वोट कर पा रहे हैं. इससे पहले विकास दुबे के दबाव में उन्हें वोट करना पड़ता था.ग्रामीणों के मुताबिक एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे जिसे वोट करने को बोलते थे हम लोग उन्हें ही जीताना पड़ता था. लोगों का कहना है कि पिछले चुनाव में मतदाताओं को दुबे समर्थित उम्मीदवारों को वोट देने के लिए मजबूर किया जाता था. बिकरु गांव के पोलिंग बूथ पर लोग लाइनों में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. दरअसल, बिल्लहौर विधानसभा क्षेत्र में बिकरू गांव पड़ता है. यहां विक्रम गांव के प्राइमरी स्कूल में पोलिंग बूथ बनाया गया है. वहीं मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए एक सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है. बूथ को बैलून से सजाया गया है.बता दें कि बिल्हौर अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिये आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र है, जिसके अन्तर्गत बिकरू गांव आता है. बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में करीब 4 लाख पंजीकृत मतदाता हैं. इनमें से कोरी, गौतम, सोनकर और अन्य सहित लगभग 1.5 लाख अनुसूचित जाति के मतदाता हैं. निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 30,000 क्षत्रिय, 50,000 मुस्लिम और 60,000 ब्राह्मण और यादव मतदाता हैं. विकास दुबे का बिकरू, डिब्बा निवादा, भिती, सुज्जा निवादा, जदेपुर, तकीपुर और आसपास के गांवों में रहने वाले 40 हजार से अधिक मतदाताओं पर गहरा प्रभाव था.मुठभेड़ में मारा गया गैंगस्टर विकास दुबे
गौरतलब है कि 2 जुलाई 2020 को कानपुर जिला स्थित बिकरू गांव गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा था. आधी रात को करीब 12:45 बजे बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने डीएसपी और एसओ समेत 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी. एक-एक पुलिसकर्मी को दर्जनों गोलियां मारी गई थीं. पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर आठ दिन के भीतर विकास दुबे समेत छह बदमाशों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. अभी 45 आरोपी जेल में बंद हैं. केस का ट्रायल चल रहा है.
