प्रतापगढ़ के मानधाता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टर अमित सिंह ने अलविदा जिंदगी का स्टेटस लगाकर रविवार रात फाफामऊ पुल से गंगा में छलांग लगा दी। पुल पर उनकी कार खड़ी देखकर पुलिस पहुंची। सूचना पर उनके परिवार में कोहराम मच गया। सोमवार को गोताखोर और जल पुलिस पूरे दिन डॉक्टर की तलाश में जुटी रही, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस आत्मघाती कदम के पीछे प्रेम प्रसंग से लेकर घरेलू विवाद आदि बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
मानधाता निवासी रिटायर शिक्षक विनोद सिंह के दो बेटे अतुल और डॉ. अमित हैं। डॉ. अमित की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनाती है। उन्होंने मऊआइमा में अपना निजी अस्पताल भी खोल रखा है। परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं। बताया जा रहा है कि रविवार रात को उनकी बहन दिल्ली जा रही थीं। डॉक्टर अमित कार से अपनी बहन को स्टेशन छोड़ने प्रयागराज आए थे। इस दौरान उन्होंने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर अलविदा जिंदगी लिखा। शिवकुटी पुलिस ने बताया कि सोमवार तड़के करीब तीन बजे पुलिस को फाफामऊ पुल पर डॉक्टर अमित की लावारिस हालत में कार मिली। वहां पर यह भी पता चला कि कुछ देर पहले कोई पुल से गंगा में कूदा है। जांच में पुलिस को पता चला कि कार डॉक्टर अमित की है। उनके व्हाट्सएप का स्टेटस देखकर पुलिस को यकीन हो गया कि डॉक्टर ने आत्मघाती कदम उठाया है। जल पुलिस और गोताखोर को तलाशी अभियान में लगाया गया। देर शाम तक उनका कोई सुराग नहीं मिला।
सुसाइड नोट में मां-बाप और पत्नी को जिम्मेदार बताया
डॉक्टर अमित ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। निजी अस्पताल के लेटर पैड पर लिखे इस नोट को अपने मोबाइल के स्टेटस पर लगाया था। इसमें अपने मां-बाप और पत्नी को मौत के लिए जिम्मेदार लिखा है। सुसाइड नोट में कुछ इस तरह से लिखा है...
विनोद कुमार सिंह के संबोधित करते हुए डॉक्टर ने सुसाइट नोट में लिखा कि महोदय, सविनय निवेदन के साथ कहना चाहता हूं कि आप और मेरी माता जी लता सिंह, पत्नी दीपा सिंह से मुझे मानसिक और आर्थिक बहुत क्षति पहुंची है। मैं अपने पूरे होशोहवास में यह बयान करता हूं कि मेरी मौत के जिम्मेदार मेरे बाप, मेरी मां और पत्नी दीपा सिंह हैं। अतुल मेरे भाई मेरी मौत के बाद मेरे कान्हा की जिम्मेदारी आपकी होगी!
