मंगलवार को पुलिस की टीम ने प्राइवेट गोताखोरों को नदी में उतारा। घंटों तलाश चलती रही लेकिन कुछ पता नहीं चला। जानकारी पर जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम भी लगी रही लेकिन डॉक्टर का कुछ सुराग नहीं मिला।
प्रतापगढ़ के मानधाता सीएचसी पर तैनात डॉक्टर अमित सिंह का दूसरे दिन भी कुछ पता नहीं चला। पुलिस के साथ ही एसडीआरएफ की टीम भी फाफामऊ घाट के आसपास नदी में तलाश करती रही लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उधर, पुलिस को जांच पड़ताल में पता चला है कि घटना से कुछ देर पहले डॉक्टर ने फोन पर पिता से बात की थी और कुछ देर में लौटने की बात कहकर फोन काट दिया था। मंगलवार को पुलिस की टीम ने प्राइवेट गोताखोरों को नदी में उतारा। घंटों तलाश चलती रही लेकिन कुछ पता नहीं चला। जानकारी पर जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम भी लगी रही लेकिन डॉक्टर का कुछ सुराग नहीं मिला। बहन और पत्नी को स्टेशन छोड़ने के बाद उठाया कदम पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि घटना से कुछ देर पहले डॉक्टर अमित ने फोन पर अपने पिता से बात की थी। दरअसल वह अपनी बहन को छोड़ने के लिए स्टेशन गए थे। पिता से उन्होंने जल्दी ही लौटने की बात कही थी। लेकिन इससे पहले ही उन्होंने फाफामऊ पहुंचकर गंगा में छलांग लगा दी थी। शिवकुटी एसओ मनीष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार को एक बार फिर से तलाश शुरू की जाएगी। सुसाइड नोट भी किया था पोस्ट डॉक्टर ने नदी में छलांग लगाने से पहले फेसबुक और व्हाट्सएप पर ‘अलविदा जिंदगी’ का स्टेटस लगाया था। इसके अलावा फेसबुक पर सुसाइड नोट भी पोस्ट किया था जिसमें अपनी मौत के लिए परिजनों को जिम्मेदार बताया था। मानधाता थाना क्षेत्र के ढेमा निवासी डॉ. अमित सिंह (35) मानधाता पीएचसी पर संविदा डॉक्टर के पद पर तैनात हैं।
