कौशांबी. समाजवादी पार्टी की सांसद और फिल्म अभिनेत्री जया बच्चन ने उत्तर प्रदेश के सिराथू में सीएम योगी आदित्यनाथ पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा,’ये भूल जाते हैं कि आपके जो मुख्यमंत्री (योगी) हैं उन्होंने तो परिवार को त्याग दिया है. वे परिवार के बारे में क्या जानते हैं? वे क्या जानते हैं बहू, बेटी क्या होती हैं? ये लोग झूठ के सिवाय कुछ नहीं बोलते हैं. मुंबई की भाषा में इन्हें फेकूचंद कहते हैं. सिर्फ फेकते रहते हैं, लेकिन काम कुछ नहीं करते हैं.
इसके साथ जया बच्चन ने कहा कि मैं 15 साल पार्लियामेंट में रहीं हूं, इन्होंने झूठ के सिवाय कुछ नहीं कहा है. जब ये सत्ता में है और जब ये सत्ता में नहीं थे, इन्होंने कभी भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक शब्द भी नहीं बोला है. इसके साथ कहा कि मुझे लगता है कि समय बदल रहा है. लोगों को देखो, उनका उत्साह, आप माहौल के बारे में बता पाएंगे. वे महिला सुरक्षा के बारे में बात करते हैं लेकिन झूठ के अलावा कुछ नहीं जानते. आप पिछले 5 वर्षों में यूपी में महिलाओं पर अत्याचार के बारे में जानते हैं, नहीं यह कहने की जरूरत है.
‘गंगा किनारे का छोरा’ हमेशा गंगा का रहेगा
जया बच्चन ने सिराथू में कहा कि मेरा जन्म एमपी में एक बंगाली परिवार में
हुआ था और यूपी में शादी हुई थी. मेरी बेटी ने एक पंजाबी से शादी की और
बेटे ने एक दक्षिण भारतीय से शादी की है. हमारे परिवार में जातिवाद या
क्षेत्रवाद जैसा कुछ नहीं है. ‘गंगा किनारे का छोरा’ हमेशा गंगा का रहेगा.
वह मुंबई के समुद्र का नहीं हो सकता है. इसके साथ जया ने खुद को यूपी की
बड़ी बहू बताते हुए कहा कि अपने भैया का भी लाज रख लीजिएगा. उन्होंने
अमिताभ बच्चन का नाम लिए बिना कहा, ‘गंगा किनारे वाला जो छोरा है उसकी लाज
तो आपको रखनी होगी.’
बहरहाल, सिराथू में पांचवें चरण के तहत 27 फरवरी को वोटिंग होगी. सिराथू विधानसभा सीट से इस बार प्रदेश के मौजूदा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य चुनावी मैदान में हैं. इस सीट से उनका पुराना रिश्ता रहा है. वह पहली बार 2012 में सिराथू से ही विधायक चुने गए थे. हालांकि पूरे क्षेत्र की राजनीति में वह पिछले तीन दशकों से सक्रिय हैं और सामाजिक कार्यों में भूमिका निभाते रहे हैं. कौशांबी जिले की सिराथू विधानसभा सीट पर लड़ाई काफी रोचक होने वाली है. यहां केशव प्रसाद मौर्य को टक्कर देने के लिए सपा-अपनादल गठबंधन की ओर से पल्लवी पटेल को मैदान में उतारा गया है. हालांकि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि राजनीतिक प्रोफाइल के लिहाज से केशव प्रसाद मौर्य के काफी मजबूत हैं. केशव प्रसाद मौर्य ही वह नेता हैं, जिन्होंने इस सीट पर पहली बार बीजेपी का खाता खोला था.
