प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में ऑनलाइन मोड में परीक्षाएं कराए जाने की मांग को लेकर तीन दिनों से धरना जारी है। हालांकि, छात्रों के आंदोलन के मद्देनजर परीक्षाओं पर निर्णय लेने के लिए कुलपति ने कमेटी का गठन कर दिया है, जो 14 दिन में अपना प्रस्ताव तैयार करेगी, लेकिन छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि निर्णय होने के बाद ही आंदोलन समाप्त होगा। छात्र तीन दिनों से विश्वविद्यालय के मेन गेट पर धरने पर बैठे हुए हैं, जिससे परिसर में आवागमन भी पूरी तरह से बाधित हो गया है। छात्र मांग कर रहे हैं कि जब पूरे साल ऑनलाइन मोड में कक्षाओं का संचालन किया गया तो परीक्षाएं भी ऑनलाइन मोड में ही कराई जाएं। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ऑफलाइन मोड में परीक्षाएं कराए जाने का निर्णय लिया जा चुका है। 22 अप्रैल से स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की ऑफलाइन परीक्षाएं प्रस्तावित हैं जबकि परास्नातक सम सेमेस्टर की ऑफलाइन परीक्षाएं मई में होनी हैं। छात्र इस निर्णय के विरोध में धरना दे रहे हैं। मामला बढ़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षाओं पर निर्णय लेने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है। विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर शेखर श्रीवास्तव की अध्यक्षता में गठित 9 सदस्यीय कमेटी इस मसले पर छात्र प्रतिनिधियों से वार्ता करेगी और जल्द ही अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी। इसके बाद ही छात्रों की मांगों पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
