नीतीश कुमार को रामनाथ कोविंद के बाद राष्ट्रपति बनाना चाहता है तीसरा मोर्चा
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नीतीश कुमार को रामनाथ कोविंद के बाद राष्ट्रपति बनाना चाहता है तीसरा मोर्चा

पटना. तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर (Telangana CM K Chandrashekhar Rao) की पहल पर विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar Chief Minister Nitish Kumar) का नाम अचानक चर्चा में आ गया. इसको लेकर अटकलों ने तब से और जोर पकड़ लिया जब राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने सीएम नीतीश (Prashant Kishore CM Nitish Meeting) से मुलाकात की. चर्चा यह भी है कि नीतीश कुमार को मनाने के लिए प्रशांत किशोर लगातार कोशिश कर रहे हैं. इतना ही नहीं गैर भाजपा और गैर कांग्रेसी दलों यानी तीसरे मोर्चे (Third Front) को एकजुट करने की भी जिम्मेदारी प्रशांत किशोर की ही है. हालांकि, इन कयासबाजियों को लेकर सीएम नीतीश कुमार से न्यूज 18 ने सीधा जानना चाहा कि ऐसी खबरों की सच्चाई क्या है. नीतीश कुमार ने इस मुद्दे पर कहा कि ऐसी बातों में कोई दम नहीं है और मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं है. मेरे दिमाग में अभी ये आइडिया भी नहीं है. उन्होंने कहा कि न मेरे दिमाग में इसका विचार है, न ही कल्पना की है.बता दें कि जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विपक्षी पार्टियों द्वारा आगामी राष्ट्रपति के उम्मीदवार बनाने की चर्चा चल रही है. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और प्रशांत किशोर के बीच हुई मुलाकात के बाद नीतीश कुमार को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाने की चर्चा शुरू हुई. बता दें कि इसी साल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और देश के इस सर्वोच्च पद के लिए जुलाई-अगस्त में चुनाव होना है. ऐसे में विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार को लेकर अभी से सुगबुगाहट तेज हो गई है.सियासी चर्चा के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने की तैयारी की जा रही है और इसका नेतृत्व तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव कर रहे हैं. वहीं, इसके लिए प्रशांत किशोर रणनीति तैयार कर रहे हैं. केसीआर की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने भी शिवसेना प्रमुख व राकांपा चीफ शरद पवार से मुलाकात की थी.दूसरी ओर चर्चा यह भी है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार बीजेपी और NDA से अलग हो सकते हैं. बता दें कि जातिगत जनगणना के मुद्दे पर बीजेपी और नीतीश में एकमत नहीं है तो दूसरी ओर लालू यादव की पार्टी आरजेडी इस मुद्दे पर नीतीश के साथ है. विपक्ष की साझी रणनीति ये मानी जा रही है कि बीजेपी के खिलाफ ऐसा मजबूत उम्मीदवार दिया जाए कि कांग्रेस भी उसी को समर्थन देने को मजबूर हो जाए.बहरहाल, इस कयासबाजी के बीच नीतीश कुमार का भी अनभिज्ञता जताने वाला बयान सामने आ गया है मगर इसको लेकर सामने आने के बाद बिहार में राजनीतिक हलचल तेज हो गई. भाजपा नेता व बिहार के डिप्टी सीएम तारा किशोर ने कहा कि अभी तो मुझे ऐसी जानकारी नहीं मिली है. अभी हमारे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी हैं. आगे के लिए हमारा शीर्ष नेतृत्व तय करेगा कि कौन राष्ट्रपति का उम्मीदवार होगा.
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