इस मंदिर में भंडारा करने के लिए महीनों की रहती है वेटिंग, जानें इसकी खासियतइस मंदिर में भंडारा करने के लिए महीनों की रहती है वेटिंग, जानें इसकी खासियत
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इस मंदिर में भंडारा करने के लिए महीनों की रहती है वेटिंग, जानें इसकी खासियतइस मंदिर में भंडारा करने के लिए महीनों की रहती है वेटिंग, जानें इसकी खासियत

रायबरेली. आपने हनुमान जी (Hanuman ji) के कई रूपों के दर्शन किए होंगे. एक से बढ़कर एक मंदिर गए होंगे. लेकिन हिंदुस्तान में शायद ही आपको हनुमान जी का श्याम रूप देखने को मिला होगा. लेकिन रायबरेली के अभय दाता मंदिर (Abhay Data Temple Of Rae Bareli) में हनुमान जी श्याम वर्ण (Hanuman Ji Shyam Varna) में नजर आते हैं और लोग उन्हें सांवले सरकार कहते हैं. कहा जाता है कि जो भी रायबरेली के अभय दाता मंदिर यानि सांवले सरकार के दर्शन कर लेता है तो उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है.जानकारी के मुताबिक, रायबरेली जिला मुख्यालय से तकरीबन 20 किलोमीटर दूर अभय दाता का मंदिर है. अभय दाता के इस मंदिर में बजरंगबली की मूर्ति श्याम वर्ण में स्थापित है. बजरंगबली के श्याम रूप के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं और श्रद्धा से शीश नवाते हैं. मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश मिश्रा का कहना है कि देश में बजरंगबली की यह इकलौती मूर्ति है जो श्याम वर्ण में है. आमतौर पर हनुमान जी की मूर्ति सिंदूरी रहती है लेकिन यहां रायबरेली में हनुमान जी श्याम वर्ण में नजर आते हैं. श्याम वर्ण में हनुमान जी क्यों नजर आए इसे लेकर भी पंडित ओम प्रकाश मिश्रा प्रसंग सुनाते हैं.राक्षस भी इनको कभी हरा नहीं पाएंगे
पंडित ओम प्रकाश मिश्रा कहते हैं कि इन्द्र के वज्र से जब हनुमान जी मुर्छित हो गये थे तब पुत्र को छटपटाते हुए देखकर पिता वायुदेव ने अपना वेग रोक दिया और उस समय हनुमान जी को देवताओं ने विभिन्न वरदान दिए थे. ब्रह्माजी ने हनुमानजी को वरदान दिया कि “इस बालक को कभी ब्रह्मशाप नहीं लगेगा और यह शत्रुओं के लिए भयंकर और मित्रो के लिए अभयदाता बनेगा. एवं इच्छानुसार स्वरुप पा सकेगा.” इन्द्रदेव ने हनुमानजी को वरदान दिया कि “मेरा वज्र भी इस बालक को नुकसान नहीं पहुंचा पायेगा.” सूर्यदेव ने भी कहा कि “इस बालक को में अपना तेज प्रदान करता हूं.” यमदेव ने वरदान दिया कि “यह बालक सदा निरोगी एवं मेरे दण्ड से मुक्त रहेगा”. कुबेर ने आशीर्वाद दिया कि “युद्ध में हनुमान कभी विषादित नहीं होगा तथा राक्षस भी इनको कभी हरा नहीं पाएंगे”.बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त कीजिए
देवो के देव शिव ने भी अपना अभय वरदान हनुमान को दिया. इन सभी वरदानों को प्राप्त कर, भगवान हनुमान जी कलयुग के प्रमुख एवं पूजनीय देवों में गिने जाते हैं. तुलसीदास जी द्वारा लिखी गयी, काव्यात्मक कृति ‘हनुमान चालीसा’ खुद में हज़ारों और लाखों मन्त्रों के समान शक्तिशाली बताई गयी है. वैसे तो पूरी ही हनुमान चालीसा बहुत महत्वपूर्ण है. रायबरेली के इस अभय दाता यानी सांवले सरकार के दरबार में भंडारा करने के लिए महीनों की वेटिंग रहती है. यहां भक्तों की इतनी लंबी कतार है कि कई महीनों बाद अभिषेक के लिए वक्त मिलता है. अगर आपको भी सांवले सरकार के दर्शन करने हैं तो रायबरेली आइए और बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त कीजिए.
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