प्रदीप बच्चन ( व्यूरो चीफ)
बलिया (यूपी)। जनपद की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डेयरी उद्योग को मजबूत करने की दिशा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने विकास खंड चिलकहर के ग्राम जिगनी खास में स्थित बनास डेयरी का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुजरात की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के जनपदों में भी डेयरी सेक्टर और पशुपालन का व्यापक विस्तार किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर परिवार को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना है। इसके लिए गांव और ब्लॉक स्तर पर सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाएगी। पशुपालकों को सब्सिडी देने, उन्नत नस्ल की गायें उपलब्ध कराने और कृत्रिम गर्भाधान की आधुनिक तकनीक पर विशेष बल दिया जा रहा है।
डेयरी हब बनेगा उत्तर प्रदेश
डीएम ने बताया कि उत्तर प्रदेश को डेयरी उत्पादन का बड़ा हब बनाने के लिए जगह-जगह लैब स्थापित किए जा रहे हैं और सहकारिता समितियों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि डेयरी, पशुपालन और सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे।
युवाओं को मिलेगा ब्याज मुक्त लोन
युवाओं को नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय उद्यमी बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना के तहत युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये तक का लोन मिलेगा, जिस पर चार वर्षों तक कोई ब्याज नहीं लगेगा और गारंटी की भी आवश्यकता नहीं होगी। सरकार इस राशि को 10 लाख रुपये तक बढ़ाने पर भी विचार कर रही है।
खेती के साथ अपनाएं डेयरी और पशुपालन
जिलाधिकारी ने किसानों से केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने के बजाय डेयरी, मुर्गी पालन, बकरी पालन और मत्स्य पालन जैसे व्यवसाय अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गोबर से वर्मी कम्पोस्ट तथा CBG/बायोगैस प्लांट जैसे उप-उत्पादों पर काम करके किसान अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं।
युवाओं के लिए ट्रेनिंग का आयोजन
डीएम ने बताया कि युवाओं के लिए जल्द ही कौशल विकास और ट्रेनिंग सेमिनार आयोजित किए जाएंगे, ताकि वे खुद का उद्योग स्थापित कर सकें। उद्घाटन के बाद उन्होंने पीपल का पौधा भी लगाया और डेयरी फार्म का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

