दो दिवसीय नवाचार महोत्सव का हुआ भव्य आयोजन, शिक्षकों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
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दो दिवसीय नवाचार महोत्सव का हुआ भव्य आयोजन, शिक्षकों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा

 


प्रदीप बच्चन (व्यूरो चीफ) 

 बलिया (यूपी) जनपद के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), पकवाइनार, बलिया में दिनांक 04 एवं 05 नवंबर 2026 को दो दिवसीय नवाचार महोत्सव 2026-27 का आयोजन किया गया। शिक्षक शिक्षा योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के कार्यक्रम एवं गतिविधि मद के अंतर्गत आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावशाली बनाना तथा शिक्षकों में नवाचार एवं रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में धर्मात्मा नन्द जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं उप शिक्षा निदेशक/प्राचार्य सुनील कुमार जी के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता धर्मेंद्र मौर्य जी की विशेष उपस्थिति रही।

मुख्य अतिथि श्री धर्मात्मा नन्द जी ने अपने उद्घाटन संबोधन में नवाचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों को निरंतर नवीन प्रयोग एवं रचनात्मक गतिविधियों को अपनाना चाहिए। नवाचार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

उप शिक्षा निदेशक/प्राचार्य श्री सुनील कुमार जी ने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नवाचार महोत्सव शिक्षकों एवं भावी शिक्षकों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा और शैक्षिक दक्षता प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। ऐसे आयोजन शिक्षा की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वरिष्ठ प्रवक्ता धर्मेंद्र मौर्य जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावशाली बनाने के लिए शिक्षकों को समयानुकूल नवीन शिक्षण विधियों एवं गतिविधियों का प्रयोग करना चाहिए।

कार्यक्रम के नोडल प्रभारी एवं प्रवक्ता रामप्रकाश जी ने महोत्सव के सफल संचालन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर संस्थान के विद्वान प्रवक्ताओं एवं शिक्षाविदों में देवेंद्र कुमार सिंह जी (प्रवक्ता,

मनोविज्ञान एवं शिक्षाविद), डॉ. मृत्युंजय सिंह जी (प्रवक्ता एवं इतिहास विषय के विद्वान) तथा श्री रवि रंजन खरे जी (प्रवक्ता, शिक्षा शास्त्र) की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने नवाचारों की शैक्षिक उपयोगिता पर अपने विचार रखे तथा प्रशिक्षुओं को भविष्य में नवाचारी एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

17 शिक्षा क्षेत्रों एवं एक नगर क्षेत्र की सहभागिता

इस दो दिवसीय नवाचार महोत्सव में जनपद बलिया के 17 शिक्षा क्षेत्रों एवं एक नगर क्षेत्र के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रत्येक क्षेत्र से पांच-पांच प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा एवं नवाचारी शिक्षण गतिविधियों का प्रदर्शन किया।

महोत्सव ने शिक्षकों एवं भावी शिक्षकों को अपने नए प्रयोग, रचनात्मक सोच और शैक्षिक कौशल प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। निश्चित रूप से इस तरह के आयोजन विद्यालयी शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण, रोचक, प्रभावशाली एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।

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