प्रयागराज, 01 अक्टूबर: एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत खुसरोबाग में आयोजित दो दिवसीय सब्जी उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का गुरुवार को समापन हो गया। समापन सत्र के दौरान कृषि एवं उद्यान विशेषज्ञों ने किसानों को अगेती सब्जियों की खेती और आधुनिक तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता SHUATS (शुअट्स) नैनी के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह ने पौध तैयार करने की आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रतिकूल मौसम में अगेती सब्जियों की पौध तैयार करने के लिए 'प्रो-ट्रे' (Pro Tray) बेहद उपयोगी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रो-ट्रे में कोकोपीट, वर्मीक्यूलाइट, परलाइट और वर्मीकंपोस्ट का संतुलित मिश्रण तैयार कर सब्जियों के बीज बोने से स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण पौध प्राप्त होती है, जिससे अगेती सब्जी उत्पादन में मदद मिलती है।
सत्र के दौरान अन्य विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए:
उद्यान रोपण: उद्यान विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. दीपक लाल ने वैज्ञानिक तरीके से उद्यान रोपण और बागवानी की बारीकियों की जानकारी दी।
कीट व रोग प्रबंधन: डॉ. अनुराग तायडे ने फलों और सब्जियों में लगने वाले प्रमुख कीट-रोगों और उनके जैविक व रासायनिक बचाव के उपाय बताए।
तकनीकी मार्गदर्शन: केंद्र के प्रशिक्षण प्रभारी वी.के. सिंह एवं सहायक उद्यान निरीक्षक विवेक श्रीवास्तव ने भी किसानों को सरकार की योजनाओं और बागवानी के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया।
70 प्रतिभागियों को वितरित किए गए किट व उपकरण
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण में प्रयागराज जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन उद्यान निरीक्षक मनीष कुमार द्वारा किया गया। समापन सत्र में उद्यान विभाग की ओर से सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र, प्रशिक्षण किट और पौध उत्पादन के उपयोगी उपकरण प्रदान किए गए।



