प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (मुविवि) के त्रिवेणी सामुदायिक केंद्र, यमुना परिसर में महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मानविकी विद्या शाखा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में रामधुन, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान के जरिए बापू और शास्त्री जी के संदेशों को याद किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महात्मा गांधी के स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सादगी एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना और विश्वविद्यालय परिसर में हरित वातावरण के प्रति जागरूकता फैलाना था।
सत्य, अहिंसा और शांति से संभव है बड़ा परिवर्तन
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार सिंह के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को जीवन का आधार बनाकर देश के स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा दी। उन्होंने सत्याग्रह और स्वदेशी के जरिए अन्याय का विरोध करने का मार्ग दिखाया। कर्नल विनय ने कहा, "बापू का जीवन सिखाता है कि दृढ़ संकल्प, सत्य और शांतिपूर्ण प्रयासों से बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है।"
सादगी और ईमानदारी ही सच्चे नेतृत्व की पहचान
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए कुलसचिव ने कहा कि शास्त्री जी अपनी सादगी, ईमानदारी, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रभक्ति के लिए जाने जाते हैं। सच्चा नेतृत्व पद या शक्ति से नहीं, बल्कि त्याग, अनुशासन और निष्ठापूर्वक राष्ट्रसेवा से बनता है।
वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान में उत्साह
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद कार्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर सत्यपाल तिवारी के निर्देशन में परिसर में वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें शिक्षकों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम का संयोजन प्रो. विनोद कुमार गुप्ता ने किया, जबकि संचालन आयोजन सचिव डॉ. शिवेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। अंत में प्रो. सत्यपाल तिवारी ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रो. रुचि बाजपेई, डॉ. साधना श्रीवास्तव, डॉ. सतीश चन्द्र जैसल, प्रो. एस कुमार, प्रो. पी.के. स्टालिन, प्रो. छत्रसाल सिंह, प्रो. ए.के. मलिक समेत कई अन्य प्राध्यापक व कर्मी उपस्थित रहे।


