(ब्यूरो रिपोर्ट: शिव शरण, गोंडा)
गोंडा:
जिला प्रशासन ने गोंडा कचहरी परिसर में रविवार शाम बुलडोजर कार्रवाई करते हुए वकीलों के चैंबरों को हटा दिया। शाम 4 बजे से 6 बजे तक चली इस कार्रवाई के दौरान सदर रजिस्ट्री कार्यालय के सामने बने करीब 10 चैंबरों को ध्वस्त कर दिया गया। यह पूरी कार्रवाई सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा की मौजूदगी में अंजाम दी गई।
प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को लेकर तीन दिन पहले ही अधिवक्ताओं को नोटिस जारी कर दिया गया था। नोटिस मिलने के बाद 4 अधिवक्ताओं ने तो बुलडोजर कार्रवाई से बचने के लिए अपने चैंबर खुद ही हटा लिए, जबकि बाकी बचे चैंबरों को प्रशासन ने बुलडोजर से गिरवा दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से कुछ चैंबर ऐसे भी थे जिनका इस्तेमाल लंबे समय से नहीं हो रहा था।
पार्किंग व्यवस्था के लिए की गई कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार, कचहरी परिसर में वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह न होने के कारण रोजाना जाम की समस्या उत्पन्न होती है। इसी समस्या से निजात पाने और पार्किंग के लिए जगह खाली कराने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
बार एसोसिएशन ने जताया विरोध
इस प्रशासनिक कार्रवाई पर गोंडा बार एसोसिएशन ने कड़ी नाराजगी जताई है। एसोसिएशन के महामंत्री सुनील कुमार पांडेय ने कहा कि प्रशासन ने भले ही तीन दिन पहले नोटिस दिया हो, लेकिन बुलडोजर चलाने से पहले वकीलों को शिफ्ट करने के लिए किसी वैकल्पिक जगह की व्यवस्था करनी चाहिए थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने पहले चैंबरों की बिजली काटी और अब बुलडोजर चलाकर उन्हें तोड़ा जा रहा है। महामंत्री ने कहा कि कचहरी की जमीन सरकारी है और अधिवक्ता भी वहीं बैठकर न्याय कार्य करते हैं, इसलिए प्रशासन को सभी प्रभावित अधिवक्ताओं के लिए बेहतर चैंबरों का इंतजाम करना चाहिए। अधिवक्ताओं ने इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध करने की बात कही है।

