प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)
बलिया। जनपद के भरौली गाँव में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' की 119वीं जयंती बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर ग्रामीणों व गणमान्य व्यक्तियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उनके साहित्यिक और सामाजिक योगदान को याद किया।
समारोह में वरिष्ठ भाजपा नेता वंश नारायण राय सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
साहित्यिक एवं राष्ट्रीय योगदान पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने राष्ट्रकवि के जीवन और उनकी कृतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दिनकर जी आधुनिक हिंदी साहित्य के महान कवि, लेखक और निबंधकार थे। विशेष रूप से उन्हें हिंदी साहित्य में वीर रस के प्रमुख स्तम्भ के रूप में पहचाना जाता है।
वक्ताओं ने उनके जीवन परिचय को रेखांकित करते हुए बताया कि रामधारी सिंह 'दिनकर' का जन्म 23 सितंबर 1908 को बिहार के बेगूसराय जिले के सिमरिया गाँव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उनकी रचनाओं में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना, क्रांति और जनभावनाओं की ओजस्वी अभिव्यक्ति मिलती है।
विचारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प
जयंती समारोह के दौरान भरौली गाँव के लोगों ने दिनकर जी की कालजयी कविताओं और निबंधों से मिलने वाले सामाजिक संदेशों को याद किया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में राष्ट्रकवि के विचारों और देशप्रेम की भावना को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लिया।

