प्रदीप बच्चन (व्युरो चीफ)
बलिया (उत्तर प्रदेश): सोशल मीडिया के जरिए एक पैर के सहारे स्कूल जाने वाली दिव्यांग बालिका रागिनी की मार्मिक कहानी सामने आने के बाद प्रशासनिक व राजनीतिक स्तर पर मदद के हाथ उठने लगे हैं। शुक्रवार को सलेमपुर के सांसद रमाशंकर राजभर (विद्यार्थी) बलिया के रानीपुर स्थित रागिनी के घर पहुंचे। वहां उन्होंने बच्ची का हाल-चाल जाना और उसकी मां को तत्काल ₹10,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की।
बीएचयू में जांच, नहीं तो एम्स में होगा इलाज सांसद ने बताया कि रागिनी को आगे की जांच व उपचार के लिए बीएचयू (वाराणसी) ले जाया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि बीएचयू में इलाज संभव न हो सका, तो वह बच्ची को अपने दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर रखकर देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थान एम्स (AIIMS) में इलाज कराएंगे। उन्होंने कहा, "रागिनी अब सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और प्रदेश की बच्ची बन चुकी है।"
सांसद ने कहा कि उन्हें रागिनी के बारे में सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली। दिल्ली से बलिया आने के बाद उन्होंने सबसे पहले रागिनी के घर पहुंचने का निर्णय लिया। उन्होंने जिलाधिकारी को रागिनी के मामले को संज्ञान में लेने के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह देखकर खुशी होती है कि आज भी मानवता जिंदा है और जरूरतमंदों की मदद के लिए लोग आगे आते हैं।
उन्होंने कहा कि रागिनी की मदद के लिए केवल बलिया ही नहीं, बल्कि पूरा प्रदेश खड़ा है। “यह बच्ची अब सिर्फ अपने परिवार की नहीं, सबकी बच्ची हो गई है।” सांसद ने बताया कि रागिनी को शुक्रवार को बीएचयू जांच के लिए ले जाया जाएगा। यदि वहां इलाज से उसका पैर ठीक हो जाता है तो बहुत अच्छा होगा। यदि बीएचयू में उपचार संभव नहीं हुआ तो वह रागिनी को अपने दिल्ली स्थित आवास पर रखकर देश के बड़े अस्पताल एम्स में उसका इलाज कराने का प्रयास करेंगे।
सांसद ने कहा, “रागिनी के लिए मुझसे जो भी बन पड़ेगा, मैं करने के लिए तैयार हूं। बीएचयू जाने के लिए परिवार को ₹10 हजार की सहायता दे रहा हूं।” उन्होंने रागिनी की कहानी को सामने लाने वाले पत्रकारों को भी बधाई दी।
समाज की भूमिका पर जोर देते हुए सांसद ने कहा कि जो लोग अपने समाज के साथ खड़े रहते हैं, समाज भी उन्हें पूछता है। जो समाज से कट जाते हैं, उन्हें समाज नहीं पूछता। आज रागिनी को पूरा समाज पूछ रहा है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि उन्हें रागिनी के बारे में पहले जानकारी क्यों नहीं दी गई।
सड़क को लेकर भी दिया भरोसा
रागिनी के घर तक जाने वाली सड़क और घर से स्कूल तक जाने वाली सड़क की समस्या के संबंध में पूछे जाने पर सांसद ने बताया कि ये सड़कें करीब आठ वर्ष पूर्व मंडी समिति से बनी थीं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आठ सड़कें स्वीकृत हुई हैं, लेकिन शुक्रवार को अवकाश होने के कारण वह तत्काल पूरी जानकारी नहीं बता सकते। बाद में जानकारी लेकर बताएंगे।
सांसद ने आश्वासन दिया कि यदि रागिनी के घर और स्कूल तक जाने वाली सड़क स्वीकृत सूची में नहीं है तो जरूरत पड़ने पर सांसद निधि से धन उपलब्ध कराकर सड़क बनवाने का प्रयास किया जाएगा।
इस दौरान पूर्व ब्लाक प्रमुख नवानगर रामबचन यादव, सपा विधानसभा अध्यक्ष उदय बहादुर सिंह, जिला पंचायत सदस्य विजय यादव, उपेंद्र पटेल, दीवान यादव, ललन राजभर, रामाशंकर यादव, प्रधान रामदेव यादव, प्रधान सोनू यादव, अवधेश यादव उर्फ सोनू, अभिमन्यु राजभर, विनय तुरैहा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

