लखनऊ, 12 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेशीय सम्मेलन एवं शैक्षिक उन्नयन विचार गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं नवाचारयुक्त शिक्षा के विस्तार तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उपमुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करने में प्रधानाचार्यों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं निभाते, बल्कि वर्तमान पीढ़ी को ऐसे संस्कार और अनुशासन प्रदान करते हैं, जिससे उत्तर प्रदेश और भारत हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर रहे।
डबल इंजन सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों की चर्चा करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जमीनी स्तर की व्यावहारिक समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानाचार्य परिषद के ज्ञापन में शामिल मांगों, जैसे पदोन्नति व चयन के बाद पूर्व प्रधानाचार्यों के स्वाभिमान की रक्षा, विद्यालयों में विद्युत व्यवस्था तथा अन्य समस्याओं पर शासन स्तर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से चर्चा कर समाधान का आश्वासन दिया।
इसके साथ ही, उन्होंने शिक्षकों के लिए उपलब्ध कराई गई चिकित्सा सुविधाओं तथा 'प्रोजेक्ट अलंकार' के माध्यम से सहायता प्राप्त विद्यालयों में अवस्थापना (इंफ्रास्ट्रक्चर) को सुदृढ़ करने के प्रयासों को रेखांकित किया। समारोह में विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी सहित प्रधानाचार्य परिषद के अनेक प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

