गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण
गोण्डा,लखनऊ। नगराम पुलिस ने चेकिंग के दौरान टाटा सफारी सवार दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार कर 12.750 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 7 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने वाहन समेत कुल 30 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
शिवपुरा मोड़ के पास चेकिंग में धरे गए आरोपी
डीसीपी साउथ मो. मुश्ताक के मुताबिक, 17 सितंबर को नगराम-गंगागंज मार्ग पर शिवपुरा मोड़ के पास सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान काले रंग की टाटा सफारी (UP32EL8000) को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें से बोरी में भरा 12.750 किलो गांजा बरामद हुआ। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बाराबंकी निवासी सचिन सिंह (32) और नगराम निवासी सत्यम सिंह (20) के रूप में हुई है। तस्करों के पास से 3 मोबाइल, पीली धातु की चेन और 3,100 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
गोंडा से लाकर लखनऊ और आसपास के जिलों में नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे गोंडा के जरवल और आसपास के इलाकों से गैंग के अन्य सदस्यों के जरिए गांजे की खेप जुटाते थे। इसके बाद सफारी कार से 10 से 15 किलो गांजा लखनऊ लाते थे। लखनऊ पहुंचने पर इसे 2-2 किलो की छोटी खेपों में बांटकर गैंग के सदस्यों को दिया जाता था, जो बाद में पुड़िया बनाकर स्थानीय बाजारों में बेचते थे।
लग्जरी सफारी में गांजे की बड़ी खेप लेकर लखनऊ में सप्लाई करने निकले दो युवकों को नगराम पुलिस ने चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सफारी की तलाशी ली तो बोरी में 12.750 किलो गांजा मिला। पुलिस के मुताबिक बरामद गांजे की कीमत करीब 7 लाख रुपए है। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, पीली धातु की चेन और 3,100 रुपए भी मिले। वाहन समेत कुल बरामदगी की कीमत करीब 30 लाख रुपए बताई गई है।
डीसीपी साउथ मो. मुश्ताक ने बताया कि,17 सितंबर को नगराम-गंगागंज मार्ग पर शिवपुरा मोड़ के पास चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान काले रंग की टाटा सफारी संख्या UP32EL8000 को रोककर तलाशी ली गई। गाड़ी में सवार युवकों की पहचान सचिन सिंह (32) निवासी करूआ देवरा, बाराबंकी, हाल पता रामबक्शखेड़ा, गोसाईगंज और सत्यम सिंह (20) निवासी तमोरिया, नगराम के रूप में हुई। ये लोग गोंडा से गांजा लाकर यहां बेचते थे।
इसी सफारी कार से युवक गांजा की सप्लाई करते थे।
इसी सफारी कार से युवक गांजा की सप्लाई करते थे।
लखनऊ और आसपास के जिलों में सप्लाई
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका गैंग लखनऊ और आसपास के जिलों में गांजे की सप्लाई करता है। पुलिस के अनुसार, गांजे की खेप गोंडा के जरवल और आसपास के इलाकों से गैंग के दूसरे सदस्यों के जरिए उपलब्ध कराई जाती थी। इसके बाद 10 से 15 किलो गांजा सफारी में छिपाकर लखनऊ लाया जाता था।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि लखनऊ पहुंचने के बाद गांजे को करीब दो-दो किलो की खेप में अलग-अलग सदस्यों को दिया जाता था। इसके बाद छोटी पुड़िया बनाकर आसपास के इलाकों में बिक्री की जाती थी।
इस बोरी के अंदर गांजा भरा है। पुलिस ने 3 मोबाइल फोन भी जब्त किए।
इस बोरी के अंदर गांजा भरा है। पुलिस ने 3 मोबाइल फोन भी जब्त किए।
तस्करी के पैसों से खरीदी सफारी और चेन
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सचिन ने बताया कि गांजा तस्करी से मिले पैसों से उसने मोबाइल फोन, पीली धातु की चेन और सफारी गाड़ी खरीदी थी। पुलिस अब गैंग के अन्य सदस्यों और गांजे की सप्लाई के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार, सत्यम सिंह के खिलाफ नगराम थाने में पहले से दो मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 2024 में बीएनएस की धाराओं में तथा वर्ष 2025 में बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्तमान गांजा तस्करी के मुकदमे को मिलाकर उसके खिलाफ कुल तीन मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया।
तस्करी के पैसों से खरीदी लग्जरी कार
आरोपी सचिन सिंह ने स्वीकार किया कि उसने गांजा तस्करी के मुनाफे से ही टाटा सफारी कार, मोबाइल और सोने जैसी दिखने वाली चेन खरीदी थी।
सत्यम पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी सत्यम सिंह के खिलाफ नगराम थाने में वर्ष 2024 (BNS) और 2025 (BNS व SC/ST एक्ट) के तहत आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस नई कार्रवाई के बाद उसके खिलाफ कुल मुकदमों की संख्या तीन हो गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है और नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।


