'बंद कमरों से निकलकर समाज तक पहुंचाएं आयुर्वेद का संदेश', सर्किट हाउस में आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने की विभागीय समीक्षा
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'बंद कमरों से निकलकर समाज तक पहुंचाएं आयुर्वेद का संदेश', सर्किट हाउस में आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने की विभागीय समीक्षा



प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने प्रयागराज स्थित सर्किट हाउस में आयुष विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में आयुष चिकित्सा सेवाओं की स्थिति, अस्पतालों की व्यवस्थाओं और आगामी 11वें आयुर्वेद दिवस की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। 

 11वें आयुर्वेद दिवस को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान

बैठक के दौरान आयुष मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 23 सितंबर को आयोजित होने वाले 11वें आयुर्वेद दिवस को अत्यंत भव्य एवं व्यापक स्वरूप में मनाया जाए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को केवल अस्पताल की चारदीवारी और औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित न रखकर इसे आमजन की दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए।

मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ने कहा,

 "अधिकारियों और कर्मचारियों को बंद कमरों से निकलकर समाज के प्रत्येक वर्ग के बीच पहुंचना होगा।"

 उन्होंने ग्राम स्तर से लेकर शहरी इलाकों तक जागरूकता अभियान चलाकर स्वस्थ आहार-विहार, आयुर्वेदिक जीवनशैली, दिनचर्या और ऋतुचर्या के प्रति लोगों को जागरूक करने और आयुर्वेद दिवस को एक जन-आंदोलन का रूप देने का संकल्प व्यक्त किया। 

 निर्माण कार्यों में तेजी और बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मियों का सम्मानसमीक्षा बैठक के दौरान आयुष मंत्री ने क्षेत्रीय निर्माण कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया, जिसमें शामिल हैं:राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, हंडियाराजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, प्रयागराजउन्होंने निर्माण कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करने हेतु उन्हें चिह्नित कर सम्मानित करने पर बल दिया।

अस्पतालों में स्वच्छता, पर्याप्त दवाएं और बाहर की दवा न लिखने के सख्त निर्देश

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए मंत्री जी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए:


औषधियों की उपलब्धता: सभी आयुष चिकित्सालयों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए।


बाहर की दवा पर रोक: मरीजों को बाहर की दवा लिखने पर पूरी तरह पाबंदी रहे।


स्वच्छता व वातावरण: अस्पताल परिसरों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि मरीजों को स्वच्छ एवं सकारात्मक माहौल में गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।


पर्यावरण संरक्षण: 'एक पेड़ माँ के नाम'

विभागीय समीक्षा के उपरांत आयुष मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत सर्किट हाउस परिसर में कांचनार के पौधे का रोपण किया।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

इस अवसर पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. नवीन सोनी, राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. ए.के. मिश्रा, डॉ. शकील अहमद, जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. हर्षुल गौतम, राजकीय यूनानी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. नजीब हंगला, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. केदारनाथ, तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक आयुष डॉ. एच. के. मिश्रा सहित डॉ. एन. अम्मार, डॉ. मनोज सिंह, डॉ. हेमंत सिंह, डॉ. अवनीश पाण्डेय, डॉ. विवेक शुक्ला, डॉ. विवेक द्विवेदी, डॉ. महेंद्र त्रिपाठी, डॉ. विमलेश मिश्रा, डॉ. गिरीश पाण्डेय, शशांक शुक्ला, और पंकज मिश्रा उपस्थित रहे।

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