गोण्डा/लखनऊ (शिव शरण): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों और फील्ड अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने राजस्व न्यायालयों के कामकाज, जनशिकायतों के निस्तारण और राज्य की कानून-व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की। राजस्व मामलों में 'तारीख पर तारीख' पर कड़ा रुखमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 05 वर्ष से अधिक पुराने राजस्व मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की जमीन, संपत्ति और अधिकारों से जुड़े मामलों में ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति हर हाल में बदलनी होगी। इसके साथ ही, धारा 33 के तहत आने वाले सभी अविवादित वरासत मामलों को मिशन मोड में हल करने के निर्देश दिए गए। गलत निस्तारण पर 5 दिन में मांगा स्पष्टीकरणजनता दर्शन और आईजीआरएस (IGRS) शिकायतों के निस्तारण पर जोर देते हुए सीएम ने कहा कि यह प्रक्रिया केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए। असंतोषजनक या गलत तरीके से बंद की गई शिकायतों की पुनः समीक्षा करने और संबंधित जिलों के जिम्मेदारों से 5 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया गया है। अपराध दर में गिरावट, महिला सुरक्षा प्राथमिकतासमीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था का ब्योरा प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच गंभीर अपराधों में 5.1% और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में 3.9% की कमी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल अपराधों पर त्वरित कार्रवाई, जोन और रेंज स्तर पर साप्ताहिक क्राइम एनालिसिस करने तथा माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी रखने की हिदायत दी। आगामी त्योहारों के लिए विशेष अलर्टश्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी जैसे पर्वों को लेकर मथुरा-वृंदावन में क्राउड कंट्रोल प्लान और श्री बांके बिहारी मंदिर के लिए अलग कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन तारों और उफनती नदियों के खतरे से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया है। बाढ़ राहत और संवेदनशीलतागो-तस्करी, धर्मांतरण और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में 24×7 अलर्ट रहने का आदेश देते हुए सीएम ने चित्रकूट, फर्रुखाबाद, अयोध्या, आजमगढ़ और बाराबंकी में बाढ़ राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत शिविरों में गुणवत्तापूर्ण भोजन और अस्पतालों में एंटी-वेनम व एंटी-रेबीज इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

