प्रयागराज/लखनऊ: उत्तर प्रदेश शासन के माध्यमिक शिक्षा विभाग (पुस्तकालय प्रकोष्ठ) द्वारा रविवार को शिक्षा निदेशालय, उत्तर प्रदेश (सिविल लाइन्स, प्रयागराज) के परिसर में राज्य स्तरीय पठन संस्कृति उत्सव "स्क्रीन से पन्नों की ओर" का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मोबाइल व डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना और उनमें किताबों तथा समाचार-पत्रों के पठन की आदत को पुनः जीवित करना रहा।
आनंद और व्यक्तित्व विकास के लिए पढ़ें किताबें: अपर मुख्य सचिव
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सार्वजनिक पुस्तकालय का सामान्य जन हेतु शुभारंभ किया और पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
अपर मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा:
किताबों से जुड़ाव आवश्यक: आज के डिजिटल युग में बच्चों और बड़ों, दोनों में पठन संस्कृति को बढ़ावा देना बेहद ज़रूरी है।
अंकों के बजाय आनंद के लिए पढ़ें: पुस्तकें विद्यार्थियों के ज्ञान, चिंतन, कल्पनाशक्ति और व्यक्तित्व विकास को समृद्ध बनाती हैं।
एक जगह और एक समय तय हो: हर घर और हर विद्यालय में किताबों के लिए एक विशेष स्थान होना चाहिए तथा दिन का एक समय केवल पढ़ने के लिए निर्धारित किया जाना चाहिए।
तीन सत्रों में आयोजित हुए विभिन्न कार्यक्रम
दीप प्रज्ज्वलना के साथ शुरू हुए इस महोत्सव की रूपरेखा पुस्तकालय प्रकोष्ठ की विशेष कार्याधिकारी शान्तवना तिवारी द्वारा प्रस्तुत की गई। विद्यार्थियों ने मोबाइल के दुष्प्रभावों पर एक प्रभावशाली लघु नाटिका, सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किए।
प्रथम सत्र: महेश चंद्र देवा के संचालन में सामान्य ज्ञान क्विज का आयोजन हुआ तथा मिथिलेश लखनवी ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए।
द्वितीय सत्र: समाचार-पत्र पढ़ने की उपयोगिता और दैनिक जीवन में इसके महत्व पर परिचर्चा की गई।
तृतीय सत्र: 'लेखक से संवाद' कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा और प्रसिद्ध लेखिका प्रो. नीलम शरण गौर के बीच ज्ञानवर्धक वार्ता हुई, जिसका संचालन चंद्र प्रकाश ने किया।
प्रतिभाओं और उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं, उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों, पुस्तकालयाध्यक्षों तथा राजा राम मोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन (कोलकाता) के पूर्व महानिदेशक के. के. बनर्जी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सचिव बेसिक शिक्षा परिषद सुरेन्द्र कुमार तिवारी, अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कामता राम पाल, यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी ने किया।

