प्रयागराज (25 अगस्त):
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को संगम सभागार में ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने बैंकों में लंबित पड़े आवेदन पत्रों के त्वरित निस्तारण और पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत ऋण वितरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
बैठक के प्रमुख बिंदु:
बिना कारण निरस्तीकरण पर तय होगी जवाबदेही: डीएम ने बैंक शाखा प्रबंधकों को स्पष्ट हिदायत दी कि आवेदन पत्रों का निस्तारण गुण-दोष के आधार पर किया जाए। यदि बिना किसी ठोस कारण के आवेदन निरस्त किए गए, तो संबंधित बैंकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। अस्वीकृत आवेदनों के कारणों की पुनः जांच के आदेश दिए गए हैं।
31 अगस्त तक लक्ष्य पूर्ति की समयसीमा: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 2800 के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 675 लाभार्थियों को ही ऋण वितरित किया गया है। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यू.पी. ग्रामीण बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक, यूको बैंक और एचडीएफसी बैंक को 31 अगस्त 2026 तक दिए गए लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने को कहा गया है।
खराब प्रगति वाले बैंकों की दोबारा समीक्षा: जिन बैंकों का प्रदर्शन निराशाजनक है, उनकी एक सप्ताह बाद पुनः समीक्षा होगी। सुधार न पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, अग्रणी जिला प्रबंधक, सहायक आयुक्त उद्योग तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

