प्रयागराज: तहसील सदर में आयोजित 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' के दौरान जिलाधिकारी प्रयागराज ने पूर्व में निस्तारित मामलों की जमीनी हकीकत परखने के लिए एक बड़ी जांच प्रक्रिया चलाई। विगत तहसील दिवस के निस्तारित प्रकरणों में से रैंडम आधार पर 51 मामलों का परीक्षण 17 जिला स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से कराया गया। जांच के दौरान 22 ऐसे मामले सामने आए, जिनमें शिकायतकर्ताओं ने समाधान को लेकर असंतोषजनक फीडबैक दिया।
सतही और लापरवाही भरी आख्या प्रस्तुत करने पर जिलाधिकारी के निर्देशानुसार संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि, कारण बताओ नोटिस और चेतावनी जारी की गई है।
कार्रवाई के दायरे में आए प्रमुख अधिकारी व कर्मचारी:
प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry):
- श्री सी. पी. पाण्डेय (अवर अभियन्ता, नगर निगम)
- श्री सतीश चन्द्र (कर अधीक्षक, जोन-1, नगर निगम)
- सौम्यापुंज पाण्डेय (उप निरीक्षक, थाना मुट्टीगंज)
- श्री दीपक कुमार (जे.ई., नगर निगम)
- श्री मनीष कुमार (लेखपाल)
- श्री ओम प्रकाश यादव (राजस्व निरीक्षक, सदर)
- श्री विनोद कुमार (जे.ई., नगर निगम)
- प्रियंका पालीवाल (लेखपाल)
कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice):
- हर्षिता वर्मा (एम.जे., राजस्व विभाग सदर)
- श्री झम्मन सिंह (कर अधीक्षक, जोन-5)
- अधिशासी अभियन्ता (विद्युत नगरीय वितरण खण्ड, बमरौली)
- श्री सुधीर कुमार (लेखपाल, सदर)
- जया सिंह (कर अधीक्षक, जोन-2, नगर निगम)
चेतावनी (Warning):
- श्री चन्द्रशेखर आजाद (राजस्व निरीक्षक, सदर)
- कर अधीक्षक (जोन-6, ट्रांसपोर्ट नगर)
- उप खण्ड अधिकारी (टैगोर टाउन)
- श्री मनीष कुमार उपाध्याय (एस.आई., कैंट थाना)
- श्री अविनाश कुमार (अवर अभियन्ता विद्युत, नगर निगम)
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

