प्रयागराज, 23 अगस्त: उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने सर्किट हाउस सभागार में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शहर एवं देहात क्षेत्र में बाढ़ व जलजमाव की समस्या पर समीक्षा बैठक की। उन्होंने गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के कार्यों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए बाढ़ प्रभावित किसानों के फसल नुकसान का तुरंत सर्वे कराकर मुआवजा देने के कड़े निर्देश दिए।
समाचार के मुख्य बिंदु:
फसल नुकसान का सर्वे व मुआवजा: कोरांव और बारा तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों में तुरंत राहत सामग्री पहुंचाने, जलस्तर घटने के बाद सफाई व स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए।
100 वर्षों का स्थायी मास्टर प्लान: शहर में जलजमाव की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जनप्रतिनिधियों के सुझावों से फूलप्रूफ योजना बनाने को कहा गया।
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई पर नाराजगी: अधिकारियों को कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर कमियों को दूर करने और गंगा के कछारी इलाकों में अवैध निर्माण रोकने के निर्देश दिए।
जल निकासी की प्रमुख स्वीकृत योजनाएं:
सीएमपी से मोरी गेट तक 40 एमएलडी पम्पिंग स्टेशन व नई लाइन।
80 फीट रोड और डांडिया नाले का चौड़ीकरण।
अल्लापुर पम्पिंग स्टेशन के लिए कुंदन गेस्ट हाउस से बाईपास नाला निर्माण।
जनप्रतिनिधि समन्वय व सीवर मैपिंग: अफसरों, पार्षदों और जनप्रतिनिधियों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर 24 घंटे के भीतर जल निकासी सुनिश्चित करने और सीवर लाइनों की डिजिटल मैपिंग कराने का आदेश दिया।
बैठक में सांसद प्रवीण पटेल, विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, डॉ. वाचस्पति, गुरु प्रसाद मौर्य, मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और नगर आयुक्त सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

