प्रयागराज 3/7/2026
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा विश्वविद्यालय के एकल विषय के विद्यार्थियों के अभ्यर्थन निरस्त किए जाने पर आश्चर्य व्यक्त किया है। इस संबंध में बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय पहुंचे विद्यार्थियों से कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने स्वयं मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा उन्हें आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय उनके हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।
कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम विद्यार्थियों के बीच जाकर उनके साथ बैठे और अत्यंत आत्मीय वातावरण में उनसे संवाद किया। उन्होंने छात्रों की प्रत्येक शंका का धैर्यपूर्वक समाधान किया तथा स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक हितों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो, इसके लिए विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के समक्ष अपना पक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगा।
कुलपति ने विद्यार्थियों को बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में ही एकल विषय को स्नातक के समकक्ष मान्यता संबंधी सार्वजनिक सूचना विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित की जा चुकी है। साथ ही कार्य परिषद के निर्णय के अनुसार पात्र विद्यार्थियों को आवश्यक प्रमाणपत्र भी जारी किए गए हैं, ताकि वे अपना पक्ष सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकें।
दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में लगभग चार दशक का अनुभव रखने वाले कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि आज भी दूरस्थ शिक्षा को लेकर समाज के कुछ वर्गों में भ्रांतियाँ व्याप्त हैं, जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा उच्च शिक्षा का एक महत्वपूर्ण और मान्यता प्राप्त माध्यम है। विश्वभर में इस प्रणाली का दायरा निरंतर बढ़ रहा है तथा लाखों विद्यार्थी इससे लाभान्वित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय सदैव गुणवत्तापूर्ण एवं मान्यता प्राप्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। विश्वविद्यालय इस विषय में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से औपचारिक रूप से संवाद स्थापित कर एकल विषय पाठ्यक्रम की मान्यता एवं उसकी वैधानिक स्थिति से आयोग को अवगत कराएगा, जिससे विद्यार्थियों के हित सुरक्षित रह सकें।
कुलपति के आश्वासन से विद्यार्थियों में विश्वास का वातावरण बना तथा उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा उनके हितों की रक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े प्रत्येक विषय पर पूरी संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ कार्य किया जाएगा तथा उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
