लखनऊ | 22 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश सरकार के स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) और लखनऊ विश्वविद्यालय के बीच बुधवार को योजना भवन, लखनऊ में सेंटर फॉर डेवलपमेंट एंड पॉलिसी रिसर्च (CDPR) के अंतर्गत **पॉलिसी एंड डेवलपमेंट रिसर्च वर्टिकल** की स्थापना के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य प्रदेश में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को मजबूत करना, विकासोन्मुखी अनुसंधान को बढ़ावा देना तथा उत्तर प्रदेश के विकास एजेंडे को नई गति प्रदान करना है।
एमओयू पर स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी **मनोज कुमार सिंह, आईएएस (सेवानिवृत्त)** तथा लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति **प्रो. जे. पी. सैनी** ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे आवश्यकता पड़ने पर आगामी दो वर्षों तक प्रतिवर्ष बढ़ाया जा सकेगा।
इस एमओयू के तहत स्थापित होने वाला पॉलिसी एंड डेवलपमेंट रिसर्च वर्टिकल राज्य में विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर शोध करेगा। इसके अंतर्गत स्टेट इकोनॉमिक सर्वे, स्टेट डेवलपमेंट रिपोर्ट, विभिन्न विकास संकेतकों के आधार पर जनपदों की रैंकिंग, विकास संबंधी चुनौतियों की पहचान तथा साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण के लिए आवश्यक अध्ययन और दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। साथ ही सुशासन एवं सतत विकास के लिए ज्ञान-आधारित नीति दस्तावेज विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
समझौते का प्रमुख उद्देश्य स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और लखनऊ विश्वविद्यालय के बीच संस्थागत सहयोग को मजबूत करते हुए नीति-आधारित अनुसंधान को नई दिशा देना है। इसके माध्यम से शासन और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. जे. पी. सैनी ने कहा कि एमओयू के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय हर स्तर पर शैक्षणिक एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय की विशेषज्ञता और स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के अनुभव के समन्वय से उत्तर प्रदेश में शोध-आधारित नीति निर्माण को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि साझा दृष्टिकोण, सामूहिक प्रतिबद्धता तथा शासन और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग के माध्यम से **विकसित उत्तर प्रदेश-2047** के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में प्रो. अरविंद मोहन (डीन, कला संकाय), डॉ. भावना मिश्रा (कुलसचिव), प्रो. मुकुल श्रीवास्तव, प्रो. गीतांजलि मिश्रा (निदेशक, आईपीपीआर), स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह, आईएएस (सेवानिवृत्त), आयोग के वरिष्ठ अधिकारी तथा आयोग के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
