प्रदीप बच्चन (व्युरो चीफ)
बलिया (यूपी)। मनियर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोटवा में मारपीट के मामले में दोनों पक्षों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक पक्ष की ओर से ग्राम प्रधान शामरथी राम समेत चार लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया गया है, जबकि प्रधान पक्ष ने मारपीट के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
पुलिस के अनुसार, कोटवा गांव निवासी इंदू देवी पत्नी संजय चौहान ने दी गई तहरीर में बताया कि 23 जुलाई 2026 की शाम उनका पुत्र अंकित चौहान घर लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में प्रदीप राम पुत्र कृपाल राम और दीपू पुत्र अमरनाथ राम शराब के नशे में उसे गाली-गलौज कर रहे थे। विरोध करने पर दोनों ने अंकित की लात-घूंसों से पिटाई कर दी। आरोप है कि इसी दौरान ग्राम प्रधान शामरथी राम तथा रूपेश पुत्र सैदनाथ राम भी मौके पर पहुंच गए और मारपीट करने लगे। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए।
इंदू देवी की तहरीर के आधार पर मनियर पुलिस ने संबंधित धाराओं 115(2), 351(3) एवं 352 के तहत ग्राम प्रधान समेत चार लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
वहीं, पर
प्रधान पक्ष से कृपाल राम पुत्र स्वर्गीय रामदेव राम ने तहरीर देकर बताया कि वे अनुसूचित जाति से हैं। उनके अनुसार, उनका पुत्र प्रदीप राम तथा दीपू अपने दरवाजे पर वाहन धो रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे अंकित चौहान पर पानी के छींटे पड़ गए, जिसके बाद वह गाली-गलौज करने लगा। आरोप है कि उसने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद रोहित चौहान तथा सोनू चौहान भी मौके पर पहुंच गए और मारपीट में शामिल हो गए।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि मारपीट के दौरान प्रदीप राम का बायां हाथ टूट गया और वह बेहोश हो गया। बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों के सामने भी आरोपितों ने जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है तथा जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
