प्रदीप बच्चन (व्यूरो चीफ)
बलिया (यूपी) पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में रविवार को बलिया के मनियर में छात्र-युवाओं ने मोर्चा खोल दिया। दिल्ली के जंतर मंतर पर विश्वविख्यात पर्यावरणविद, शिक्षाविद एवं वैज्ञानिक सोनम वांगचुक और छात्रों द्वारा किए जा रहे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के समर्थन में संयुक्त छात्र-युवा मोर्चा के बैनर तले परशुराम विनय स्मृति मंच पर एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल की गई। साथ ही सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के विरोध में जमकर नारेबाजी भी हुई।
परशुराम समृद्धि मंच पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-युवा जुटे। प्रदर्शनकारियों ने "पेपर लीक बंद करो", "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो", "सोनम वांगचुक को रिहा करो" जैसे नारे लगाए। वक्ताओं का कहना था कि लगातार पेपर लीक होने से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है, लेकिन केंद्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा के युवा नेता सुशांत राज पाठक ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, "मोदी सरकार पेपर लीक के सवाल पर पूरी तरह मौन है। शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान अपनी जवाबदेही से भाग रहे हैं। नैतिकता के आधार पर उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।"
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा, "सरकार आंदोलनकारियों से बात करने के बजाय उन्हें जेल में डाल रही है। सोनम वांगचुक जैसे शांतिप्रिय वैज्ञानिक को गिरफ्तार कर सरकार तानाशाही दिखा रही है। देश का छात्र-युवा इस दमनकारी रवैये को बर्दाश्त नहीं करेगा। अब समय आ गया है कि युवा अपना भविष्य बचाने के लिए इस तानाशाह सरकार को सत्ता से हटाएं।"
कार्यक्रम को पुरंजय शर्मा, राजू राजभर, बशिष्ठ राजभर, बसंत सिंह, मनन सोनी, कृष्ण कुमार, अभिमन्यु बागी, हरिंद्र सिंह और इंद्र सहित कई युवा नेताओं ने भी संबोधित किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि पेपर लीक के खिलाफ कठोर कानून बनना चाहिए और माफियाओ पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।वक्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि सोनम वांगचुक और आंदोलनकारी छात्रों से तुरंत वार्ता की जाए और उनकी मांगों को माना जाए। साथ ही देशभर में पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
कार्यक्रम के अंत में पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले और भविष्य बर्बाद हुए छात्रों की याद में 2 मिनट का मौन रखा गया।
