सेक्रेटरी-भारत सरकार ने निर्माणाधीन एसटीपी के निर्माण कार्य की प्रगति एवं तथा नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत नालों की टैपिंग किए जाने के कार्यों की समीक्षा की
श्री वी0एल0 कांता रॉव, सेक्रेटरी- भारत सरकार, जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग की अध्यक्षता एवं डॉ0 राजशेखर-प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की उपस्थिति में गुरूवार को संगम सभागार में निर्माणाधीन 90 एमएलडी राजापुर एसटीपी प्रोजेक्ट, 50 एमएलडी एसटीपी प्रोजेक्ट नैनी एवं 50 एमएलडी एसटीपी प्रोजेक्ट-3 नैनी की समीक्षा की गयी तथा बैठक में प्रयागराज अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान और ट्रीटेड वाटर रियूज प्लान के विषय में प्रजेंटेशन दिया गया। बैठक में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा व नगर आयुक्त श्री सीलम सांई तेजा के द्वारा जनपद में निर्माणाधीन 90 एमएलडी राजापुर एसटीपी प्रोजेक्ट, 50 एमएलडी एसटीपी प्रोजेक्ट नैनी एवं 50 एमएलडी एसटीपी प्रोजेक्ट-3 नैनी के निर्माण कार्य की प्रगति एवं तथा नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत नालों की टैपिंग किए जाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में सेक्रेटरी भारत सरकार के द्वारा जिलाधिकारी व नगर आयुक्त से शहरी क्षेत्र के शत-प्रतिशत नालों का पुनः एरियल सर्वे कराये जाने तथा सभी की टैपिंग कराये जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने वास्तविक सीवरेज वॉटर जेनरेशन एवं सभी नालों की कब तक टैपिंग का कार्य पूरा कर लिया जायेगा और किसी भी नाले से अनट्रीटेड वॉटर की सप्लाई नदी में नहीं होगी, कब तक का लक्ष्य है और यह कार्य किस तिथि तक सुनिश्चित कर लिया जायेगा, के बारे में सम्बंधित अधिकारियों से जानकारी ली, जिसपर बताया गया कि वर्तमान सीवरेज प्रोडक्शन के दृष्टिगत अक्टूबर-2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को पुनः विस्तृत विचार-विमर्श कर प्रत्येक नाले की लिस्टिंग करते हुए विस्तृत रिपोर्ट बनाये जाने तथा सभी नालों की टैपिंग व शत-प्रतिशत सीवरेज ट्रीटमेंट सुनिश्चित किए जाने हेतु तिथि निर्धारित करने और उस तिथि के पूर्व उक्त कार्यों को सुनिश्चित करते हुए घोषणा की जाये कि अब बिना शोधन कोई भी पानी नदी में नहीं जायेगा। उन्होंने शोधित जल के पुनः उपयोग के लिए शार्ट टर्म व लॉग टर्म प्लान तैयार करने तथा एक माह में शोधित जल का रियूज प्रारम्भ करने के लिए कहा है। उन्होंने इसके लिए लक्ष्य निर्धारित करने और कामर्शियल प्लान भी बनाये जाने के लिए कहा है। उन्होंने रेलवे, फिशरिज एवं प्राइवेट कंस्ट्रक्शन वर्क सहित अन्य कार्यों में ट्रीटेड वॉटर सप्लाई हेतु विचार-विमर्श कर योजना बनाये जाने के लिए कहा है।
बैठक में नई दिल्ली स्थित संस्था सेंटर फार साइंस एण्ड एनवायरमेंट (सीएसई) की डॉ0 सुमिता सिंघल ने नमामि गंगे और प्रयागराज नगर निगम के सहयोग से प्रयागराज शहर के लिए शोधित वाटर के पुनः उपयोग हेतु बनायी गयी कार्य योजना की मुख्य विशेषताओं का प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि यह योजना शोधित जल के अधिकतम पुनः उपयोग को बढावा देने तथा ताजे पानी पर शहर की निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से तैयार की गयी है। इस रणनीति के अन्तर्गत शहर में चार प्रमुख परियोजनाओं की पहचान की गयी है, यदि इन परियोजनाओ को लागू किया जाता है तो प्रयागराज शहर शोधित जल के पुनः उपयोग को 21 प्रतिशत तक बढ़ाने में सक्षम हो सकेगा और यह पहल सतत् शहरी जल प्रबंधन और जल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
बैठक में एनआईयूए के श्री राहुल सचदेवा और सुश्री सिमरन प्रीत कौर ने स्टेक होल्डर के समक्ष अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान पर प्रेजेंटेशन भी दिया गया, जिसमें अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान-डब्लूएएल (वाटर एज लेवरेज) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। प्रेजेंटेशन के उपरांत सचिव भारत सरकार ने कहा कि एनएमसीजी व प्रयागराज प्रशासन अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान को अंतिम रूप देकर राज्य सरकार को प्रस्तुत करें ताकि इसके क्रियान्वयन हेतु कैबिनेट की स्वीकृति प्राप्त की जा सके। बैठक के पूर्व सेक्रेटरी भारत सरकार के द्वारा राजापुर एसटीपी 90 एमएलडी तथा बैठक के पश्चात निर्माणाधीन एसटीपी 50 एमएलडी नैनी तथाअ अनुरक्षणाधीन 42 एमएलडी नैनी-2 का निरीक्षण किया तथा सभी सम्बंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
