जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मेजा का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं का लिया जायजा
पुरूष वार्ड में बाहरी कर्मचारी के कार्य करते पाये जाने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पेयजल, साफ-सफाई, शौचालयों की नियमित सफाई, कूड़ा कलेक्शन व मरीजों के बैठने की समुचित व्यवस्था के दिए निर्देश
प्रयागराज 16 फरवरी, 2026
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा ने सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मेजा में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिये जाने एवं चिकित्सालय में उपलब्ध आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की अद्यतन स्थिति का आंकलन किए जाने हेतु औचक निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई की व्यवस्था, चिकित्सकों और स्टॉफ की उपलब्धता एवं उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति, चिकित्सकीय जांच की मशीनों की उपलब्धता एवं संचालन, अभिलेखों की स्थिति, विद्युत उपकरणों की क्रियाशीलता, जनसामान्य हेतु उपलब्ध आवश्यक मूलभूत सुविधाएं, महिला प्रसव वार्ड की स्थिति, एम्बुलेंस एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम दवा वितरण कक्ष का निरीक्षण करते हुए दवाओं के स्टॉक, उनकी एक्सपायरी डेट भी देखा एवं किन दवाओं की ज्यादा मांग है और उनकी उपलब्धता के बारे में जानकारी लिए जाने पर सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध पायी गयी। निरीक्षण में आयरन एण्ड फोलिक एसिड और बिटाडीन अत्यधिक मात्रा में उपलब्ध पायी गयी तथा दवाओं की एक्सपायरी डेट मात्र 02 माह बाद अप्रैल, 2026 ही पायी गयी, जिसपर उनके द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में इन दवाईयों की कितनी आवश्यकता है, इतनी अधिक मात्रा में स्टॉक में कब और कहां से आयीं की जानकारी लिए जाने पर बताया गया कि सभी दवाएं हाल ही में जिला मुख्यालय से उपलब्ध करायी गयी है, जिसपर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी से उक्त दवाईयां इतनी देर से क्यों उपलब्ध करायी गयी है, का स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। निरीक्षण के दौरान पुरूष वार्ड में बाहरी कर्मचारी कार्य करता हुआ पाया गया, जिसपर जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्साधिकारी से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पेयजल, मरीजों के बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई की अच्छी व्यवस्था न होने, शौचालयों नियमित सफाई न होने, चिकित्सालय परिसर में कूड़ा इक्टठा होने एवं कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था अच्छी न होने, कड़ी नाराजगी व्यक्त की और साफ-सफाई की नियमित एवं उचित व्यवस्था बनाये जाने हेतु प्रभारी चिकित्साधिकारी को चिकित्सालय परिसर में अभियान चलाकर साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए है। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय व एनटीपीसी के माध्यम से मरीजों के लिए पेयजल व बैठने की समुचित व्यवस्था कराये जाने के लिए कहा है।
जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आयें मरीजों से उनका हालचाल जाना और उन्हें चिकित्सालय में किसी भी प्रकार की कोई असुविधा तो नहीं है, दवाएं बाहर से तो नहीं मंगायी जा रही है, की जानकारी लिए जाने पर बताया गया कि दवाएं हॉस्पिटल से ही उपलब्ध करायी जा रही है।
जिलाधिकारी ने सामुदायिक केन्द्र का निरीक्षण करते हुए चिकित्सालय में नियुक्त सभी चिकित्सकों की ड्यूटी का विवरण बोर्ड लगाये जाने एवं पुरूष और महिला वार्ड कक्ष के बाहर वार्ड में भर्ती किए गए लोगो का विवरण चस्पा करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने एम्बुलेंस की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली, जिसपर उन्हें बताया गया कि चिकित्सालय में पर्याप्त एम्बुलेंस उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने उपस्थिति पंजिका की जांच करते हुए सभी चिकित्सकों एवं अन्य स्टॉफ को ड्यूटी के अनुसार समय से चिकित्सालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए है।
*जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय मेजा का भी किया औचक निरीक्षण, सम्बंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश*
तत्पश्चात जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय मेजा का औचक निरीक्षण किया तथा सभी सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। उन्होंने किस मद में कितनी धनराशि का व्यय हुआ है तथा कितनी धनराशि किस मद में अवशेष है, की जानकारी लिए जाने पर 13वें वित्त आयोग, गौशालाओं के अनुरक्षण, बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान, विधायक निधि, रोजगार सेवक एवं मनरेगा मद के अन्तर्गत धनराशि शेष पायी गयी, जिसपर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पूर्व तत्काल सम्बंधित मदों में बजट को खर्च करते हुए सम्बंधित कार्यों को गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए साफ-सफाई, पेयजल, आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को चुस्त-दूरूस्त बनाये रखने के निर्देश दिए है। उन्होंने मनरेगा के तहत बनाये जा रहे आंगनबाड़ी केन्द्रों की जानकारी ली, जिसपर बताया गया कि 32 आंगनबाड़ी केन्द्र स्वीकृत है, जिसमें 16 निर्माणाधीन है तथा शेष 16 में कार्य अभी प्रारम्भ नहीं हुआ है, जिसपर उन्होंने निर्माणाधीन केन्द्रों को जल्द से जल्द गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराये जाने तथा अनारम्भ केन्द्रों का निर्माण कार्य शीघ्रता से शुरू कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने मनरेगा के तहत 30 ग्रामों में चल रहे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए है। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी मेजा श्री सुरेन्द्र यादव, जिला विकास अधिकारी श्री जी0पी0 कुशवाहा, खण्ड विकास अधिकारी सहित अन्य सभी सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

