आज दिनांक 05.02.2026 को मा0 विधान परिषद सदस्य श्री सुरेन्द्र चौधरी जी की अध्यक्षता में 5 दिवसीय विराट किसान मेला, माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर-3 में स्थित गंगा पंडाल, प्रयागराज में आयोजन किया गया। जिसमें कृषि विभाग के अन्तर्गत खाद, बीज, कृषि रक्षा रसायन, सोलर पम्प, ड्रोन एवं विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया, डेयरी विभाग, उद्यान विभाग, एवं विभिन्न कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा 40 से अधिक मेले में स्टाल लगाये गये जिसका मुख्य अतिथि द्वारा अवलोकन किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिवस मुख्य अतिथि मा0 विधान परिषद सदस्य जी द्वारा दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। संयुक्त कृषि निदेशक, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज द्वारा पुष्पगुच्छ देकर मा0 विधान परिषद सदस्य का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में संयुक्त कृषि निदेशक प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज, उप कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) प्रयागराज मण्डल, प्रसार निदेशक, शुआट्स, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, सहायक निदेशक (मृदा परीक्षण/कल्चर) क्षेत्रीय भूमि परीक्षण प्रयोगशाला, भूमि संरक्षण अधिकारी प्रयागराज, प्रक्षेत्र प्रबन्ध अधिकारी एवं कृषि वैज्ञानिक, कृषि विश्वविद्यालय शुआट्स नैनी कुलभाष्कर समेत कृषि विभाग के अन्य अधिकारी/कर्मचारी, तथा जनपद के कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती प्रीती त्रिपाठी द्वारा किया गया।
मा0 विधान परिषद सदस्य श्री सुरेन्द्र चौधरी जी द्वारा सभी किसान भाईयों का स्वागत करते हुए कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ पाने हेतु कृषकों भाईयों को प्रेरित किया। यह भी अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्तर्गत किसानों की फसलों की सुरक्षा हेतु निर्धारित तिथि एवं समय पर बीमा कराने, फार्मर रजिस्ट्री के अन्तर्गत किसानों का पंजीकरण कराने हेतु, पी0एम0 किसान योजना, जैविक खेती एवं मृदा स्वास्थ्य सुधार एवं समुचित रसायन प्रबंधन हेतु किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर उर्वरकों के उपयोग के बारे में जानकारी दी गयी।
डा0 एम0पी0 सिंह, कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र,-छाता, बहरिया द्वारा बताया गया कि मेले में प्राकृतिक, जैविक एवं कृषि से सम्बन्धित जो भी प्रदर्शनी लगायी गयी है, कृषक भाई उसका अवलोकन कर अपनी खेती में उपयोग करें जिससे उपज में वृद्धि हो सके। अपनी खेती में संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें जिससे मृदा का स्वास्थ्य बरकरार रहे। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जीवामृत और बीजामृत का अधिक से अधिक किसान भाई उपयोग करें। मिट्टी पलटने वाले हल से खेतों की जुताई करने से मिटटी उपजाऊ व भुरभुरी हो जाती है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गंगा किनारे के ग्रामों में नमामि गंगे योजना संचालित है जिसमें उत्पादन में वृद्धि करने के लिए सरकार की प्राथमिकता प्रदान की जा रही है।मधुमक्खी पालन के बारे में बताया कि सरकार किसानों के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं से किसानों को लाभ हो रहा है।
संयुक्त कृषि निदेशक, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज द्वारा किसान मेले में कृषि विभाग एवं सहयोगी विभागों द्वारा लगाये गये स्टालों के माध्यम से एवं विभाग में संचालित योजनाओं के बारे में वैज्ञानिकों एवं विभागाीय अधिकारियों को विभागीय योजनाओं एवं उन्नत तकनीकी के बारे में कृषकों को जागरुक करते हुए योजनाओं का लाभ प्रदान करने हेतु अवगत कराया गया।
उप कृषि निदेशक, प्रयागराज द्वारा कृषि विभाग में संचालित योजना जैसे फार्मर रजिस्ट्री कराने एवं पी0एम0 किसान, सोलर पम्प, कृषि यंत्रों पर दिये जाने वाले अनुदान सुविधाओं के बारे मंे विस्तृत जानकारी दी गयी। किसान भाइयों से अपेक्षा की गयी कि कृषि विभाग के पार्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। सरकार द्वारा किसानों के लिये खाद, बीज, कृषि रक्षा रसायन तथा कृषि यन्त्रों पर भारी छूट देय है। गोष्ठी, मेला आदि के माघ्यम से जानकारी देने का संकल्प हमारी सरकार ने लिया है जो किसानों के लिये उपयोगी साबित हो रही है।
निदेशक, शुआट्स कृषि विश्वविद्यालय नैनी द्वारा कृषकों की आय कैसे दोगुनी करें के बारे में जानकारी दी गयी। सरकार की मंशा है कि खेती करने के साथ-साथ अतिरिक्त मधु मक्खी, मछली, डेयरी, बकरी पालन एवं तालाब के किनारे-किनारे बागवानी करने के लिये सुझाव दिया गया। योजनाओं को संचालित करने का सरकार का मुख्य उद्देश्य देश के कुल उत्पादन को बढ़ाने के साथ ही किसानों की आमदनी में बढ़ा सकते हैं। किसानों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य निर्धारण हेतु ग्रेडिंग के साथ उत्पाद को बाजार में बेचने पर सामान्य की अपेक्षा अतिरिक्त लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
डा0 मनीष सिंह, कृषि वैज्ञानिक कृल भाषकर डिग्री कालेज द्वारा बताया गया कि रबी सीजन में वर्तमान वातावरण कोदेखते हुए समय पर पानी, खाद, एवं खरपतवार प्रबन्धन के बारे में जानकारी दी गयी जिससे किसानों की उपज की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
संयुक्त कृषि निदेशक, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज द्वारा मा0 विधायक जी की अनुमति से कृषकों, अधिकारियों, मीडिया सेल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गयी।
उप कृषि निदेशक
प्रयागराज।

