09 जनवरी। माघ मेला के अन्तर्गत संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित कला संगम सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन "गंगा पंडाल" सेक्टर 3 परेड ग्राउंड में आज दर्शक लोक गीतों, नृत्य नाटिका, शास्त्रीय संगीत के संगम का आनन्द ले रहे थे।मन मोहने वाली प्रस्तूततियां प्रख्यात कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई।
प्रथम प्रस्तुति वाराणसी के प्रख्यात कलाकार राजेश शाह व टीम ने राग यमन मध्य लय द्रुत लय पर सितारवादन से प्रारम्भ की । उन्होंने सितारवादन द्वारा,"पायो जी मैंने राम रतन धन पायो......."।
"वैष्णव जन तो तेने कहिए.........." आदि सुनाकर दर्शकों का मन मोह लिया।
वाराणसी से ही शिवानी शुक्ला शास्त्रीय संगीत की मशहूर कलाकार ने राग कलावती छोटा ख्याल मध्य तीन ताल में मशहूर भजन "रामा रामा रटते.........."।
"चल चली गुइयां गंगा.........."।
"भजन कर रमवा राम राम रघुराई........."। सुनाकर दर्शकों को सम्मोहित कर दिया।
स्वाती श्रीवास्तव व टीम लखनऊ की प्रख्यात कलाकार ने लोक गीत बधवा के गीतों पर नृत्य का मंचन किया। प्रमुख प्रस्तुतियों में
"पापनाशिनी हे गंगे........"।
"जुग जुग जियो सुललनवा हो..........."।
"होलिया में उड़े रे गुलाल......।"
बलिया से आयीं भोजपुरी लोकगीत पर लोक गीत की मशहूर कलाकार अनुभा राय व टीम जिन्होंने ने "अमवा अमवा की झूमें डरिया..........।".
"काहे ले अइला नथिया उधार बलमा.......।"
"वारे बलमवा से न अगले..........।"
"गंगा मैय्या धीरे बहा.........."।
गीतों का गायन कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।
अभी तक सभी कलाकारों व साथियों को नोडल अधिकारी सुभाष चन्द्र यादव, गुलाम सरवर, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता व सुशील खरे जिलाअध्यक्ष संस्कार भारती ने अंग वस्त्र व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

