UPPSC RO ARO Exam : आयोग के इतिहास की सबसे बड़ी परीक्षा पर लगा पेपर लीक का दाग
Type Here to Get Search Results !

Recent Tube

UPPSC RO ARO Exam : आयोग के इतिहास की सबसे बड़ी परीक्षा पर लगा पेपर लीक का दाग



 शासन की ओर से समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 को निरस्त किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के इतिहास की सबसे बड़ी परीक्षा पर पेपर लीक का दाग लग गया है।आरओ/एआरओ के 411 पदों के लिए 1076004 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। परीक्षा के लिए प्रदेश के 58 जिलों में 2387 केंद्र बनाए गए थे। 11 फरवरी को हुई परीक्षा में 64 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए थे। आयोग की किसी भी परीक्षा के लिए पहली बार इतनी अधिक संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे और पहली बार किसी परीक्षा के लिए सबसे ज्यादा केंद्र भी बनाए गए थे। हालांकि, आयोग ने परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए इस बार कई नए कदम उठाए थे।



पहली बार परीक्षा केंद्रों में 50 फीसदी से अधिक बाहरी कक्ष निरीक्षक तैनात किए गए थे। आयोग ने तो शासन को यह प्रस्ताव भी भेजा था कि राजस्थान की तर्ज पर यहां भी परीक्षा के दौरान इंटरनेट सेवा बंद कर दी जाएं, लेकिन इससे आम लोगों को होने वाली दिक्कत के मद्देनजर शासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। आयोग की पूरी मेहनत पर पानी फिर गया, जब परीक्षा से डेढ-दो घंटे पहले पेपर व्हाट्सएप पर वायरल हो गया।

आंदोलन तेज होने पर शासन को करना पड़ा हस्तक्षेप

शुरुआत में आयोग मानने को तैयार था कि पेपर लीक हुआ है लेकिन कुछ दिनों बाद हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में भी पेपर लीक हो गया और शासन ने पुलिस भर्ती परीक्षा निरस्त कर दी। यह परीक्षा निरस्त होने के बाद आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा के अभ्यर्थियों ने भी परीक्षा निरस्त किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया और इस मामले में शासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।

 

आयोग तो आंतरिक कमेटी से इसकी जांच करा ही रहा था, शासन ने भी अपने स्तर से जांच शुरू करा दी और अभ्यर्थियों से पेपर लीक से जुड़े साक्ष्य मांग लिए। आयोग की जांच पूरी होती इससे पहले शासन ने ही परीक्षा निरस्त करने का निर्णय ले लिया। फिलहाल अब तक हुई जांच में यह सामने नहीं आ सका है कि पेपर लीक की जड़ कहां है लेकिन परीक्षा निरस्त हो जाने से आयोग के इतिहास की सबसे बड़ी परीक्षा पेपर लीक के लिए याद रखी जाएगी।

साक्ष्य देने की मियाद पूरी होने से पहले परीक्षा निरस्त
 

यूपीपीएससी की ओर से अभ्यर्थियों को साक्ष्य उपलब्ध कराने की जो मियाद दी गई थी, उसके पूरा होने से पहले शासन ने परीक्षा निरस्त कर दी। अभ्यर्थियों ने आयोग के साथ शासन को भी पेपर लीक से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध कराए थे। आयोग ने अभ्यर्थियों से दो मार्च तक साक्ष्य मांगे थे। ऐसे में माना जा रहा था कि साक्ष्य लेने की मियाद पूरी होने के बाद ही परीक्षा पर कोई निर्णय लिया जाएगा। वहीं, परीक्षा निरस्त किए जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थी बेमियादी धरने पर बैठ गए थे। शनिवार को साक्ष्य उपलब्ध कराने का अंतिम दिन था। शाम को अचानक शासन स्तर से परीक्षा निरस्त करने की घोषणा कर दी गई।

आरओ/एआरओ प्री-2016 भी हुई थी निरस्त
 

इससे पहले आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2016 में भी पेपर लीक का मामला सामने आया था। इस मामले की सीबीसीआईडी जांच कराई गई थी और एजेंसी ने इसे क्लीन चिट दे दी थी। बाद में मामला कोर्ट में चला गया। बाद में आयोग ने परीक्षा ही निरस्त कर दी। आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा दोबारा कराई। अब यह भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

 

एक और परीक्षा जांच के हवाले- एक तरफ सीबीआई अप्रैल अप्रैल 2012 से मार्च 2017 के हुई आयोग की 599 परीक्षाओं की जांच कर रही हैं। वहीं, अब एसटीएफ आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 की जांच करेगी। सीबीआई को जांच के दौरान कई परीक्षाओं में धांधली के सुराग भी मिले और इन्हीं सबूतों के आधार पर सीबीआई ने पीसीएस-2015 एवं एपीएस भर्ती परीक्षा-2013 के मामले में मुकदमा भी दर्ज किया। एपीएस परीक्षा-2013 के मामले में तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक को भी नामजद किया लेकिन किसी भी मामले में सीबीआई ने अब तक कोई सीधी कार्रवाई नहीं की है।

एलटी ग्रेड परीक्षा की भी एसटीएफ ने की थी जांच

एसटीएफ आयोग की दूसरी परीक्षा की जांच करने जा रही है। इससे पूर्व एसटीएफ ने आयोग की ओर से आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती-2018 की जांच भी की थी। इस परीक्षा में सामाजिक विज्ञान और हिंदी के पेपर प्रिंटिंग प्रेस से लीक होने के आरोप लगे थे। जांच के दौरान एसटीएफ ने तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक को गिरफ्तार भी किया था, जिन्हें बाद में न्यायालय से जमानत मिल गई थी। एसटीएफ की ओर से जांच शुरू होने के तकरीबन एक साल बाद चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसके आधार पर आयोग ने सामाजिक विज्ञान और हिंदी विषय का परिणाम जारी किया था। यह जांच अब तक लंबित है।

आज थी बड़े आंदोलन की तैयारी

 

आरओ/एआरओ परीक्षा निरस्त होने से पहले तीन मार्च को बड़े आंदोलन की तैयारी थी। इसके लिए सभी प्रतियोगी छात्रों और आंदोलन को समर्थन दे रहे अन्य संगठनों से सुबह 10 बजे सिविल लाइंस में पत्थर गिरजाघर के पास जुटने की अपील की गई थी लेकिन परीक्षा निरस्त होने के बाद यह आंदोलन स्थगित कर दिया गया।मुख्यमंत्री जी, पेपर लीक के दोषियाें पर कब चलेगा बुल्डोजर

 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जैसे ही एक्स (ट्विटर) पर आरओ/एआरओ परीक्षा निरस्त करने की घोषणा की, उनको एक्स पर बधाई मिलनी शुरू हो गई। प्रिया पुरोहित ने लिखा कि आप एक संवेदनशील मुख्यमंत्री हैं। आपने फिर यह साबित किया। प्रवीण कुमार ने लिखा कि पेपर लीक के दोषियों पर बुलडोजर कब चलेगा, संपत्ति कब जब्त होगी। राजेश साहू ने लिखा कि महाराज जी तय करिए कि इस बार फर्जीवाड़ा करने वालों की जेब में एक फूटी कौड़ी न बचे। विपिन पटेल ने लिखा कि मुख्यमंत्री जी यह सुनिश्चित कब होगा कि पेपर लीक ही न हो।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Hollywood Movies