थाईलैंड के बुद्धभूमि कार्यक्रम में बने मंडप में बौद्ध अनुयायियों की भारी भीड़.
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थाईलैंड के बुद्धभूमि कार्यक्रम में बने मंडप में बौद्ध अनुयायियों की भारी भीड़.



    लखनऊ : 29 फरवरी 2024

थाईलैंड में भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन पर चल रहे बुद्धभूमि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आगंतुक उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के पैवेलियन स्थित टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटर के स्टाल पर प्रदेश के बुद्ध सर्किट के टूर पैकेज और गंतव्य स्थलों के प्रति जिज्ञासा लेकर आ रहे है।

यह जानकारी आज यहां प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि थाईलैंड में 23 फरवरी से 3 मार्च तक आयोजित बुद्धभूमि कार्यक्रम में पर्यटन विभाग ने भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल कुशीनगर थीम पर पवेलियन का निर्माण किया गया है। इसमें आने वाले आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के प्रमुख बौद्ध तीर्थस्थलों जैसे कुशीनगर, सारनाथ, श्रावस्ती, कपिलवस्तु, संकिसा और कौशांबी से जुड़ी जानकारी पुस्तक, यात्रा वृतांत और स्टॉल आदि के माध्यम से प्रदान की जा रही है।

 जयवीर सिंह ने बताया कि बुद्धभूमि के स्टाल में ट्रेवल एजेंट और डेस्टिनी ट्रैवल की निदेशक अनामिका मिश्रा ने बताया कि थाईलैंडवासियों में भारत के बौद्ध स्थलों और खासकर यूपी के बौद्ध स्थलों में विशेष रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर दिन करीब हजारों की संख्या में लोग इन गंतव्यों के बारे में पूछताछ कर रहें हैं। यहाँ के लोगों में बुद्ध के प्रति बहुत आस्था है और वो उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध बौद्ध स्थल जैसे सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती समेत सभी जगह भ्रमण कर भगवान बुद्ध के दर्शन को महसूस करना चाह रहे हैं।  

पर्यटन मंत्री ने बताया कि इन स्टालों में रोजाना 5000 से 8000 लोग भ्रमण के लिए आ रहें है जिसमें मुख्यतः युवा हैं और प्रसिद्ध बौद्ध स्थल के टूर पैकेज के बारे में जानकारी ले रहें है। सुदीप ने बताया कि हमारे पैकेज में 9 रातों और 10 दिन वाले पैकेज की कीमत औसतन 35 हजार रुपये है। जिसमें बोध गया के साथ प्रदेश के सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कौशांबी, संकिसा और कपिलवस्तु शामिल है। उन्होने बताया कि हमे उम्मीद हैं कि आने वाले दिनों में थाईलैंड से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

बुद्ध भूमि में आज वर्ल्ड एलायंस ऑफ बुद्धिस्ट्स (डब्ल्यूएबी) के अध्यक्ष भिक्षु डॉ. पोर्नचाई पलावा धम्मो ने “बुद्ध अवशेषों के महत्व“ पर ज्ञानवर्धन किया। उन्होंने कहा, “2567 साल पहले भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद, उन्होंने अपनी अस्थियों के कई टुकड़े करने की इच्छा जताई ताकि लोग उन्हें स्मरण कर सकें और उनकी शिक्षाओं का अभ्यास कर सकें। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा प्रकाशित “द पाथ“ कॉफी टेबल बुक को बुद्धभूमि भारत मंडपम में बौद्ध भिक्षुओं को प्रस्तुत किया गया और प्रदेश के छह प्रमुख बौद्ध तीर्थ स्थलों पर रोजाना लघु फिल्म प्रदर्शित की जा रही है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि हमारा प्रयास है दुनिया भर से बौद्ध श्रद्धालु उत्तर प्रदेश आएं और भगवान बुद्ध से जुड़े पावन स्थलों के साथ ही अयोध्या काशी समेत अन्य पर्यटन स्थलों का भ्रमण करें।

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