मिलेट्स महोत्सव/मेला के द्वितीय दिवस का आयोजन जिला पंचायत परिसर में किया गया।
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मिलेट्स महोत्सव/मेला के द्वितीय दिवस का आयोजन जिला पंचायत परिसर में किया गया।



दिनांक 23.11.2023 को मिलेट्स महोत्सव/मेला एवं रोड शो के संबंध में।


 दिनांक 23.11.2023 को मिलेट्स महोत्सव/मेला के द्वितीय दिवस का आयोजन जिला पंचायत परिसर में किया गया। कार्यक्रम में एस0पी0 श्रीवास्तव, उप कृषि निदेशक, प्रयागराज, सुभाष मौर्य, जिला कृषि अधिकारी, डा0 मुकेश कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, सुरेन्द्र प्रताप सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी, श्रीमती अर्पिता राय, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी सोरांव एवं कृषि विज्ञान केन्द्र नैनी के वैज्ञानिक डा0 मनीष कुमार एवं डा0 मुकेश कुमार उपस्थित रहे। 



शुआट्स-नैनी, प्रयागराज के कृषि वैज्ञानिक डाॅ0 मनीष कुमार, द्वारा बताया गया कि मिलेट शरीर में स्थित अम्लता (एसिडिटी) को दूर करता है। इसमें विभिन्न प्रकार के विटामिन पाये जाते है, जो शरीर के मेटाबाॅलिज्म की प्रक्रिया को ठीक रखता है, जिससे कैंसर, थायराइड, डायबिटीज इत्यादि रोग नहीं होते हैं। श्री अन्न आगामी भविष्य का श्री अन्न अनाज है। ये सभी श्रीअन्न पर्यावरण के प्रति सहनशील, कमजोर मिट्टी, कम पानी में पैदा होने वाले एवं कम लागत में तैयार होने वाली फसल है इसलिये किसानों को ज्यादा से ज्यादा श्री अन्न की खेती करने के लिये प्रेरित किया गया। श्री मुकेश कुमार, कृषि वैज्ञानिक नैनी, प्रयागराज द्वारा मिलट्स की उपयोग और जैविक खेती के बारे में तकनीकी पर विस्तृत चर्चा की गयी। आज हम क्यों मोटे अनाज को घर-घर याद दिलाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि आज हम पारम्परिक खेती जो श्री अन्न की खेती नहीं कर रहे हैं इसलिए हम सबको कई बीमारियाँं का सामना करना पड़ रहा है। आप सभी को श्री अन्न की रोटी खायेंगे तो हम निश्चित रूप से हमारा पाचनंतत्र मजबूत होगा और हम स्वस्थ्य रहेंगे।

श्री मुकेश कुमार जिला कृषि रक्षा अधिकारी, प्रयागराज द्वारा पौधे में कीट नियंत्रण के बारे में चर्चा की गयी। जैसे कोई भी नवजात शिशु होता है सबसे पहले उसको टीका लगाया जाता है। उसी प्रकार हम अपने फसल को बोने से पहले बीज का शोधन करें, तथा उसमें होने वाली बीजजनित बीमािरयो से निजात पायें। गेहूॅं के बीज की उपयोगिता, गेहॅंू बीज शोधन के लिये हमारे कृषि रक्षा इकाईयों पर कार्बेन्डाजीन दवा से उपचारित करें और ट्राइकोडरमा 5 ग्राम प्रति किलोग्रामबीज के हिसाब से उपचारित करने से फसल अच्छी होगी। भूमिका शोधन करने के लिये दो बायोपेस्टीसाइड दवा प्रत्येक कृषि रक्षाइकाईयों पर उपलब्ध है, इसका इस्तेमाल करने पर आपको 75 प्रतिशत अनुदान भी प्राप्त होता है। जब फफूंद हरे रंग के हो जाते हैं तो उसमें सुबह शाम के समय ट्राइकोडरमा मिला देने से भूमि जनित रोगे उकठा जैसी बीमारियां नहीं होगी। पौधो में माहूॅं के लिये इक्विडाक्लोर की दवा का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे आसानी से कीड़े मर जातेहैं।

इस अवसर पर जनपद के अधिकारीगण श्री सुभाष मौर्य, जिला कृषि अधिकारी, श्री मुकेश कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, श्री सुरेन्द्र प्रताप सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी, श्रीमती अर्पिता राय उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी सोरांव, श्री विकास मिश्रा, अपर जिला कृषि अधिकारी, अन्य विभाग के अधिकारी एवं कृषि विभाग के समस्त अधिकारी/कर्मचारी के साथ-साथ जनपद के प्रगतिशील कृषक भारी संख्या में उपस्थितरहे।

अन्त में उप कृषि निदेशक, प्रयागराज द्वारा धन्यवाद ज्ञापन एवं गोष्ठी का समापन किया गया।

 

तदोपरान्त श्री भोलानाथ कनौजिया, जिला विकास अधिकारी प्रयागराज एवं उप कृषि निदेशक, प्रयागराज द्वारा झण्डा दिखाकर जिला पंचायत सभागार से रोड शो के लिए मिलेेट्स वैन को रवाना किया गया। 

(एस0पी0श्रीवास्तव)

उप कृषि निदेशक

प्रयागराज।

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