प्रयागराज: उमेश पाल हत्याकांड में बिरयानी रेस्टोरेंट संचालक नफीस पर शनिवार को 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया। आरोपी लंबे समय से फरार है। उस पर हत्याकांड की साजिश में शामिल होने का आरोप है। असद समेत अन्य शूटरों ने वारदात में जिस क्रेटा कार का इस्तेमाल किया, वह नफीस की ही थी। इसके अलावा नफीस पर अतीक के परिजनों को आर्थिक मदद पहुंचाने का भी आरोप है। आरोप है कि उसके रेस्टोरेंट में अशरफ ने पैसा लगाया था। रेस्टोरेंट से होने वाली कमाई का आधा हिस्सा वह अशरफ को पहुंचाता था। वह रोशनबाग, गुलाबबाड़ी का रहने वाला है। उमेश पाल हत्याकांड में उसकी कार का इस्तेमाल होने की बात सामने आने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ भी की थी। इसके साथ ही सिविल लाइंस स्थित उसका रेस्टोरेंट भी बंद हो गया था।
रेस्टोरेंट के कारखाने पर चला था बुलडोजर
उमेश पाल हत्याकांड से कुछ साल पहले नफीस के रेस्टोरेंट कारखाने को बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त भी करवा दिया गया था। दरअसल, तब उसका रेस्टोरेंट सिविल लाइंस में एमजी मार्ग पर था। जबकि कारखाना नवाब यूसुफ रोड पर स्थित था। माफिया के खिलाफ चले अभियान के दौरान ही पुलिस को पता चला था कि यह कारखाना जिस जमीन पर स्थित था, उसे अतीक ने जबरन कब्जाया था। इसके बाद ही पुलिस व पीडीए की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए इस कारखाने को ध्वस्त करा दिया था।
वांछितों में पांचवां इनामी
इस कार्रवाई के बाद उमेश पाल हत्याकांड में नफीस वांछित चल रहा पांचवां इनामी बन गया है। फरार चल रहे गुड्डू मुस्लिम, साबिर व अरमान पर पांच-पांच लाख जबकि शाइस्ता परवीन पर 50 हजार का इनाम घोषित है। अब नफीस का नाम भी इनामियों में शामिल हो गया है। हत्याकांड में अशरफ की पत्नी जैनब व बहन आयशा नूरी भी वांछित हैं, लेकिन उन पर अभी इनाम नहीं घोषित किया गया है।
