प्रयागराज समेत 11 जिलों में रसोई गैस की हो सकती है किल्लत, रूट डायवर्जन के चलते फंसे ट्रक
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प्रयागराज समेत 11 जिलों में रसोई गैस की हो सकती है किल्लत, रूट डायवर्जन के चलते फंसे ट्रक

प्रयागराज: सावन माह में कांवड़ यात्रा के चलते प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर रूट डायवर्जन लागू है। वन वे ट्रैफिक होने से झूंसी के त्रिवेणीपुरम काॅलोनी के पास स्थित इंडेन गैस प्लांट से सिलिंडर लदे ट्रकों की निकासी नहीं हो पा रही। पिछले तीन दिनों से यहां से निकलने वाले ट्रकों की निकासी आधी रह गई है। वहीं गैस के टैंकर अनलोड होकर प्लांट के बाहर लाइन में खड़े हैं। गैस प्लांट के अफसरों का मानना है कि यही हालात रहे तो प्रयागराज समेत 11 जिलों में रसोई गैस की किल्लत हो सकती है। कांवड़ यात्रा निर्विघ्न रूप से संपन्न हो सके, इसके लिए प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर पिछले तीन दिनों से रूट डायवर्जन के प्लान को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। इसका असर यहां स्थित इंडेन गैस प्लांट से सिलिंडर भरे ट्रकों की निकासी पर पड़ा है। पिछले तीन दिनों में यहां से निकलने वाले ट्रकों की संख्या आधी हो गई है। प्लांट के अफसरों ने बताया कि दो शिफ्ट में सिलिंडरों में गैस की रिफिलिंग की जाती है। तकरीबन 100 से 110 ट्रकों में 35000 गैस सिलिंडरों की रिफिलिंग कर प्रतापगढ़, मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर, भदोही, एमपी, चित्रकूट तथा प्रयागराज समेत 11 जिलों में भेजा जाता है। रुट डायवर्जन के कारण पिछले तीन दिनों से 50 से 60 गैस सिलिंडर भरे ट्रकों की ही निकासी हो पा रही है। मंगलवार को त्रिवेणीपुरम गेट से गैस प्लांट तक तकरीबन एक किलोमीटर की दूरी में दोनों रास्ते पर गैस के खाली टैंकर खड़े रहे।
झूंसी इंडेन गैस प्लांट के मैनेजर आशीष मिश्र ने बताया कि इस संबंध में प्रशासनिक अफसरों से वार्ता की जा रही है। वहीं प्लांट से जुड़े अफसरों का कहना है कि अगर कुछ दिन और यही हालात बने रहे तो यहां से आपूर्ति होने वाले जिलों में लोगों को गैस सिलिंडर के लिए जूझना पड़ सकता है। सात साल से श्रावण मास में रोक दी जाती हैं गैस प्लांट की ट्रकें
श्रावण मास के दौरान पिछले सात साल से ट्रैफिक को दारागंज से वाराणसी तक वन वे कर दिया जाता है। इसके चलते हर साल सावन के महीने में गैस प्लांट की ट्रकों की आवाजाही प्रभावित होती है। पिछले साल भी गैस सिलिंडर लदे ट्रकों को रोके जाने से लोगों में दिक्कत आई थी। चार से पांच दिनों तक समस्या बनी रही। प्लांट से गैस सिलिंडर भरे ट्रकों की निकासी नहीं हुई तो यहां से आपूर्ति होने वाले जिलोंं में रसोई गैस की किल्लत हो गई थी। आक्रोश बढ़ा तो प्रशासन ने बीच का रास्ता निकाला। ट्रैफिक पुलिस को ट्रकों की निकासी की जिम्मेदारी दी गई थी।
नो इंट्री के नाम पर हो रही वसूली
सावन माह में कांवड़ यात्रा के कारण प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर वन वे ट्रैफिक लागू रहता है। इसकी आड़ में विभिन्न पिकेटों पर तैनात पुलिसकर्मी नो इंट्री के नाम पर भारी वाहनों से वसूली करते हैं। बताया जा रहा है कि शास्त्री पुल से लेकर अंदावा तिराहे के बीच महज 100 रुपये में भारी वाहनों को प्रवेश दिया जा रहा है। नो इंट्री की आड़ में उन वाहनों से भी पैसे वसूले जा रहे हैं जिनको वन वे ट्रैफिक में प्रवेश की मनाही नहीं है। मंगलवार को पुलिस की वसूली से आजिज गैस सिलिंडर के ट्रक और टैंकर चालकों ने विरोध दर्ज कराया। लोगों ने उच्चाधिकारियों से अवैध वसूली पर तत्काल रोक की मांग की है।

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