आपरेशन चिताला एवं आपरेशन पाब्दा मछली हेतु मत्स्य विभाग का राष्ट्रीय मात्स्यिकी आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ के साथ एमओयू-डा0 संजय कुमार निषाद
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आपरेशन चिताला एवं आपरेशन पाब्दा मछली हेतु मत्स्य विभाग का राष्ट्रीय मात्स्यिकी आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ के साथ एमओयू-डा0 संजय कुमार निषाद


लखनऊ: 07 जून, 2023
उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास मंत्री डा0 संजय कुमार निषाद ने कहा कि प्रदेश में प्रथम अत्याधुनिक हैचरी के रूप में गोमती हैचरी मत्स्य बीज उत्पादन केन्द्र को विकसित किया जायेगा। लखनऊ के ग्राम बक्कास स्थित गोमती हैचरी के कार्यों के प्रथम चरण में हाईब्रिड बाउड्री वॉल, प्रवेश द्वार, नलकूप निर्माण आदि विभिन्न जीर्णाेद्धार कार्य 195.44 लाख रूपये की लागत से स्वयं के संसाधनों से विकसित कर कराए गए है, जिसका लोकार्पण मंत्री जी द्वारा आज यहां किया गया।
कार्यक्रम में मत्स्य विकास मंत्री ने कहा कि 06 करोड़ रूपये की लागत में द्वितीय चरण की परियोजना भारत सरकार को स्वीकृत हेतु प्रेषित की गयी है। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना अन्तर्गत निगम प्रबन्धाधीन 05 हैचरियों यथा गोमती हैचरी- लखनऊ, सरयू हैचरी- अयोध्या, त्रिवेणी हैचरी- प्रयागराज, कोच हैचरी- जालौन, परीक्षितगढ़ हैचरी- मेरठ पर स्टेट आफ आर्ट ट्रेनिंग कम डिमांस्ट्रेशन सेन्टर की स्थापना करायी जाएगी। जिसके लिए कुल परियोजना लागत रू0 3062.42 लाख का प्रस्ताव मत्स्य विभाग द्वारा भारत सरकार को प्रेषित किया जा चुका है।
इस अवसर पर प्रदेश में आपरेशन चिताला एवं आपरेशन पाब्दा मीन के पालन व संवर्धन हेतु मत्स्य विभाग का राष्ट्रीय मात्स्यिकी आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ के साथ एमओयू भी किया गया।
डा0 निषाद ने कहा कि चिताला मछली को राज्य की मुख्य नदियों में तथा मत्स्य पालकों द्वारा तालाबों में संवर्धन व बढ़ोत्तरी किया जाना अतिआवश्यक है। जिसमें राष्ट्रीय मात्स्यकी आनुवांशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ के सहयोग से चिताला मछली को रिवररैंचिंग के माध्यम से पुर्नस्थापित किये जाने का कार्य किया जायेगा। प्रथम चरण में जनपद- अयोध्या में घाघरा वाराणसी में गंगा तथा आगरा में यमुना नदी में रिवररैंचिंग, माह- अगस्त में किया जाना प्रस्तावित है।
डा0 निषाद ने कहा कि राष्ट्रीय मात्स्यकी आनुवांषिक संसाधन ब्यूरो, के सहयोग से पाब्दा मछली के पालन व सवंर्धन हेतु तकनीकी का विकास किया जायेगा। यह मछली उच्च मूल्य की होने के कारण किसानों की आय दोगुना करने में सहायक सिद्ध होगी।
इस अवसर पर मत्स्य विभाग द्वारा संचालित योजनाएं यथा-प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना, मछुआ कल्याण कोष, किसान क्रेडिट कार्ड, मछुआ दुर्घटना बीमा तथा मत्स्य विकास निगम व मत्स्य जीवी सहकारी संघ द्वारा संचालित कार्यक्रमों का संक्षिप्त विवरण मत्स्य पालकों के ज्ञानवर्धन एवं प्रचार प्रसार हेतु विभाग द्वारा प्रकाशित बुकलेट का विमोचन भी मंत्री जी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मत्स्य विभाग के अपर मुख्य सचिव डा0 रजनीश दुबे ने कहा कि गोमती हैचरी के अत्याधुनिक मॉडल हैचरी के रूप में विकसित की जायेगी और ऑपरेशन चिताला, आपरेशन मीन के द्वारा मत्स्य विकास के क्षेत्र को एक नई दिशा मिलेगी और इससे जहां मत्स्य उत्पादन में निरन्तर वृद्धि होगी वहीं स्वरोजगार के अवसरों का सृजन होगा।
प्रदेश इस वर्ष निगम की हैचरियों पर शीघ्र ब्रीडिंग माह अप्रैल व मई में भी करायी गयी, जिससे प्राप्त 70 से 80 एम.एम. आकार का बड़ा मत्स्य बीज पोषित कर जलाशयों में संचित कराया जायेगा, जिससे हैचरियों की आय में वृद्धि होगी तथा जलाशयों में भी मत्स्य उत्पादन बढ़े़गा।
डा0 दुबे ने कहा कि उ0प्र0 मत्स्य विकास निगम द्वारा प्रदेश के 20 जलाशयों की प्रबंध व्यवस्था का कार्य भी सम्पादित किया जा रहा है। गत वर्ष में उपरोक्त जलाशयों से रू0 1060.62 लाख की वसूली की गयी थी एवं वर्ष 2022-23 में रु0 1861.09 लाख की वसूली की गयी है। जो गत वर्ष की वसूली से 175.47 प्रतिशत अधिक है।
निगम की हैचरियों से उत्पादित मत्स्य बीज की प्रजातियों में विविधीकरण के उद्देश्य से अमूर कार्प, ब्लैक कार्प व पंगेशियस प्रजाति के मत्स्य बीज की उपलब्धता भी मत्स्य पालकों को कराई जायेगी। अमूर कार्प व ब्लैक कार्प का बीज प्राप्त किया जा चुका है, जिसका संवर्धन कर ब्रूडर तैयार किये जायेंगे।
इस अवसर पर मत्स्य विभाग के विशेष सचिव व निदेशक प्रशान्त शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश मत्स्य विकास निगम का मुख्य उद्देश्य उच्च गुणवत्ता का मत्स्य बीज उपलब्ध कराना, विभिन्न प्रजातियों की फिंगरलिंग उपलब्ध कराना, वर्ष भर मत्स्य बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराना तथा उच्च मूल्य की मछलियों के मत्स्य बीज की तकनीकी का विकास करना है, जिसके लिए उत्तर प्रदेश, मत्स्य विकास निगम, लिमिटेड पूर्णतः तत्पर है।
कार्यक्रम में उ0प्र0 मत्स्य जीवी सहकारी संघ के अध्यक्ष वीरू साहनी, मत्स्य विकास निगम के अध्यक्ष रमाकान्त निषाद, एनबीएफजीआर के निदेशक डॉ0 उत्तम के सरकार, उ0प्र0 मत्स्य विकास निगम के सीजीएम एजाज अहमद नकवी, संयुक्त निदेशक श्री एन0एस0 रहमानी, उपनिदेशक पुनीत, मोनिशा तथा अंजना एवं बड़ी संख्या में किसान एवं मत्स्य पालक उपस्थित थे।

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