प्रयागराज: एशिया के सबसे बड़ा बोर्ड यानी यूपी बोर्ड के प्रैक्टिकल एग्जाम इस बार लिखित परीक्षा के बाद आयोजित किए जा रहे हैं। इस बार 12वीं की प्रयोगात्मक परीक्षा में कुछ बदलाव हुए हैं। पहली बार प्रैक्टिकल एग्जाम के लिए छात्र-छात्राएं अपने स्कूल से अलग बनाए गए दूसरे सेंटरों पर एग्जाम देंगे। इस एग्जाम के लिए वित्तविहीन स्कूल के शिक्षकों को परीक्षक नहीं बनाया गया है। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों को ही प्रैक्टिकल एग्जाम कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परीक्षकों का आज मिल जाएगा पत्र
प्रदेश के 12वीं कक्षा के 20 लाख छात्र-छात्राएं कल से शुरू हो रही प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ला की ओर से मेरठ, बरेली, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर के क्षेत्रीय सचिवों को पत्र जारी किया जा चुका है। आज सभी क्षेत्रीय कार्यालयों से परीक्षकों को पत्र जारी कर दिए जाएंगे।
सीसीटीवी की निगरानी में होगी परीक्षा
यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होंगी। इस बाबत सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र भेजकर निर्देश दिया था। प्रयोगशालाओं में सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में प्रयोगात्मक परीक्षाएं संपन्न कराई जाएंगी। गौरतलब है कि आठ हजार 373 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। जिन प्रयोगशालाओं में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हुए हैं, वहां इन केंद्रों के शिक्षण कक्षों में लगे सीसीटीवी कैमरे का उपयोग किया जा जाएगा।
