प्रयागराज: नवाबगंज के खागलपुर गांव में राहुल तिवारी की पत्नी और तीन बच्चों की हत्या के आरोप में सोमवार को सात और अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया गया। नवाबगंज पुलिस और एसओजी की टीम ने आरोपित राहुल की सरहज मंजू, ज्योति व सुनील त्रिपाठी, संतोष त्रिपाठी, अवध किशोर दुबे, नमोनारायण दुबे व शिवम को भदवां, कोखराज कौशांबी से गिरफ्तार किया। फिर सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सभी आऱोपित मारे गए राहुल के ससुराली जन अभियुक्तगण राहुल तिवारी के ससुरालीजन हैं और उन्हें हत्या के आरोप में पकड़ा गया है। इनके नाम राहुल के सुसाइड नोट में थे, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई है। इससे पहले राहुल के नामजद आरोपित साले जय प्रकाश तिवारी उर्फ पिंटू, चंद्रशेखर व उनके साथी मैनेजर, आशु को जेल भेजा गया था। राहुल कौशांबी जिले के कोखराज का मूल निवासी था। वह नवाबगंज थाना क्षेत्र के खागलपुर गांव में किराए के मकान में रहता था। शुक्रवार रात उसकी पत्नी प्रीती, बेटी माही, पीहू और कुहू की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी, जबकि राहुल मकान के आंगन में फंदे पर लटका मिला था। शनिवार सुबह घटना का पता चलने पर लोगों में सनसनी फैल गई थी। राहुल के शव के पास से दो पेज का एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें 11 लोगों के नाम लिखे थे। उसमें पत्नी व बच्चों की हत्या का आरोप राहुल ने अपने साले व अन्य ससुराली जनों पर लगाते हुए स्वयं की खुदकशी की बात लिखी थी। वहीं, बड़े भाई तरनीश उर्फ मुन्ना ने राहुल के साले चंद्रशेखर, पिंटू समेत चार के खिलाफ संपत्ति विवाद में हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। जुटाए जा रहे ठोस सबूत
पुलिस घटना को लेकर ठोस साक्ष्य जुटा रही है। अब तक की तफ्तीश में मिले साक्ष्य व तथ्य के आधार पर पाया गया है कि राहुल ने ही पत्नी व बच्चों की हत्या करके आत्महत्या की थी। अब इस पक्ष को मजबूत करने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किया जा रहा है। साथ ही गिरफ्तार अभियुक्तों की भूमिका की जांच भी हो रही है। विवेचना में आरोपितों की संलिप्तता और भूमिका के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसपी गंगापार अभिषेक अग्रवाल का कहना है कि राहुल के सुसाइड नोट को फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। वहां से इसकी रिपोर्ट प्राथमिकता के आधार पर मंगवाई जाएगी। रिपोर्ट आने पर ही पूरी तरह से साफ हो पाएगा कि सुसाइड नोट राहुल ने लिखा था या नहीं। हालांकि उसके घरवालों ने दो पेज के हैंडराइटिंग की पहचान करते हुए राहुल की बताया है। फिर भी पुलिस वैज्ञानिक तरीके से इसकी जांच करा रही है।
