मनरेगा में हो रहे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए नेशनल मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) लागू किया जा रहा है।
Type Here to Get Search Results !

Recent Tube

मनरेगा में हो रहे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए नेशनल मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) लागू किया जा रहा है।

 मनरेगा मजदूरों की काम करते व कार्यस्थल की फोटो एप पर अपलोड करने के बाद ही उन्‍हें मजदूरी मिलेगी।

 प्रयागराज:  मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सबसे अधिक रोजगार उपलब्ध कराती है, लेकिन इस योजना से जुड़ी फर्जीवाड़े भी कम नहीं है। योजनाओं से लेकर मजदूरी तक के भुगतान के तमाम मामलों में विसंगतियां सामने आती रहती हैं। ऐसे फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए नेशनल मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम लगाया गया है। यह सिस्टम ऊपर से लेकर नीचे तक के लोगों की जवाबदेही तय करेगा।

सुबह, शाम मजदूरों की काम करते फोटो अपलोड करनी होगी 

मनरेगा में हो रहे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए नेशनल मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) लागू किया जा रहा है। इसमें मोबाइल एप के जरिए मनरेगा की सभी योजनाओं में कार्य कर रहे मनरेगा मजदूरों को कार्यस्थल पर काम करते हुए फोटो लिया जाएगा। इसके अलावा जो कार्य कराया जा रहा है, उसकी भी फोटो अपलोड होगी। इसमें सुबह व शाम दोनों समय की फोटो काम करते अपलोड होगी। 20 या फिर उससे अधिक काम कर रहे मजदूरों पर यह व्यवस्था लागू होगी। फोटो अपलोड के बाद ही उनको मजदूरी मिलेगी। इस व्यवस्था से फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा। डीसी मनरेगा डा. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि नेशनल मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम से पारदर्शिता आएगी। इसके जरिए कार्यों की मानीटरिंग की जा रही है।

प्रतापगढ़ जनपद में 14 हजार मनरेगा मजदूर

प्रतापगढ़ जनपद में इन दिनों ग्राम पंचायतों में 14 हजार 10 मनरेगा मजदूर काम कर रहे हैं। इसमें आसपुर देवसरा में 512, बाबा बेलखरनाथ धाम में 739, बाबागंज में एक हजार 672, बिहार में दो हजार 400, गौरा में 614, कालाकांकर में 673, कुंडा में 988, लक्ष्मणपुर में एक हजार 777 मजदूर काम कर रहे हैं। इसी तरह से लालगंज में 138, मंगरौरा में 197, मानधाता में एक हजार 271, पट्टी में 504, सदर में 177, रामपुर संग्रामगढ़ में 323, संडवा चंद्रिका में एक हजार 103, सांगीपुर में 391 व शिवगढ़ में 531 मनरेगा मजदूर काम कर रहे हैं।

रोजगार देने में सदर की सबसे खराब प्रगति

सदर ब्लाक में मनरेगा मजदूरों को रोजगार देने की सबसे खराब प्रगति है। देखा जाए तो अभी तक ब्लाक की ग्राम पंचायतों में 177 मजदूरों को ही काम दिया गया है। इसी तरह से लालगंज व सांगीपुर ब्लाक की भी प्रगति खराब है। ब्लाक अधिकारियों की लापरवाही से प्रगति में सुधार नहीं हो रहा है।


Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Hollywood Movies